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दर्द में डूबा विंध्य: उफनते नाले में बहे युवक, चारपाई पर मरीज ले गए परिजन

MP Flood : विंध्य में बाढ़ से हालात बेकाबू हैं। अंतिम संस्कार में जा रहे दो युवक सतना में बाइक समेत नाले में बहे। छतरपुर में पानी उतरा तो सामने आई भयावह तस्वीरें। टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, रीवा समेत कई जिलों में बाढ़ से जन जीवन अस्त वयस्त।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 3 Sep 2026, 3:10 PM IST

MP Flood

करारी रपटा पार करते दो युवक बाइक समेत बहे, सोहास गांव में बुजुर्ग को खाट पर ले जाते परिजन (फोटो सोर्स: Patrika)

MP News :मध्य प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। लेकिन, अब ये बारिश कहीं राहत तो कही आफत का बन चुकी है। जिन जिलों में रिमझिम या मध्यम बारिश हो रही है, वहीं मौसम सुहना बना हुआ है, लेकिन जहां तेज बारिश है, वहां हालत बेहद चिंताजनक होते जा रहे हैं। खासतौर पर सतना, चित्रकूट और रीवा में स्थितियां बेहद नाजुक हैं। यहां तेज बारिश लगातार जारी है, जो लोगों के जान और माल पर भारी पड़ती जा रही है। अभी-अभी सतना जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। भरहुत मार्ग पर करारी रपटा पार करते समय दो युवक बाइक समेत नाले के तेज बहाव में बह गए हैं। फिलहाल, रेस्क्यू दल सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों की तलाश में जुटे हुए हैं।

बात करें प्रदेश के बड़े बांधों में से एक जबलपुर जिले में स्थित बरगी की तो ये बांध अबतक 95 फीसदी से अधिक भर चुका है। प्रबंधन आज शाम तक डेम के कुछ गेट खोल सकता हैं। इधर, चित्रकूट में हर तरफ बाढ़ ही बाढ़ का नजारा था, लेकिन अब स्थितियां सामान्य होने पर जैसे जैसे बाढ़ का पानी नीचे उतर रहा है तबाही की तस्वीरें सामने आना शुरु हो गई हैं। यहां कई घर, दुकानें और आश्रम तक ढह गए हैं। वहीं, सतना में तेज बहाव वाले रपटा को पार करने की कोशिश में दो युवक बाइक समेत बह गए। टीकमगढ़ में भी भारी बारिश से किसानों और मजदूरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके अलावा भी प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। यहां के निचले इलाकों में भी प्रशासन लगातार अलर्ट जारी कर रहा है।

सतना में रपटा पार करते समय बाइक समेत बहे दो युवक

इधर, सतना जिले में भारी बारिश से जनजीव अस्त व्यस्त है। प्रशासन ने आज तक जिलेभर के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रो की छुट्टी घोषित कर रखी है। साथ ही, बारिश के बीच लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। खासकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। वहीं, जिले के उचेहरा से गुरुवार को दर्दनाक हागसे की खबर सामने आई है। भरहुत मार्ग पर ग्राम पंचायत मतरी पतौरा के पास स्थित करारी रपटा को पार करते समय दो युवक तेज बहाव में बाइक समेत बह गए।

तलाश में जुटा रेस्क्यू दल

बताया जा रहा है कि, मैहर जिले के कुम्हारी गांव में रहने वाले 25 वर्षीय पुष्पेंद्र लोधी और 34 वर्षीय राजकुमार लोधी अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने पिपरी कलां जा रहे थे।रास्ते में पड़े रपटे पर पानी का तेज बहाव था, बावजूद इसके उन्होंने उसे पार करने की कोशिश की, लेकिन बाइक जैसे ही बहाव के बीच पहुंची उसका संतुलन बिगड़ा और देखते ही देखते वो दोनों युवक बाइक समेत तेज बहाव में बह गए। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। जानकारी मिलते ही मौके पर नायब तहसीलदार परमानंद तिवारी भी मौके पर मौजूद हैं। रेस्क्यू अभियान के लिए स्थानीय गौताखोरों की सहायता ली जा रही है। हालांकि तेज बहाव के चलते राहत एवं बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। फिलहाल, तलाश जारी है।

बाढ़ के बीच खाट पर बुजुर्ग को अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन

सतना जिले के ही रघुराजनगर तहसील के सोहास गांव में बाढ़ के हालातों के बीच एम्बुलेंस या कोई अन्य वाहन का न पहुंच पाना एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। आखिरकार घर के बुजुर्ग को उपचार के लिए ले जाने के लिए उन्होंने खाट पर बुजुर्ग को लेटाकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पार किया और जैसे-तैसे खेतों और जटिल पहाड़ों से होते हुए अस्पातल पहुंचे। इस घटना का भी एक वीडियो सामने आया है।

पन्ना में किलकिला का रौद्र रूप, खेत के घरों में फंसे 10-12 लोग, SDRF ने संभाला मोर्चा

पन्ना जिले के धाम मोहल्ले के वार्ड-9 से गुजरने वाली किलकिला नदी उफान पर है, जिसके चलते आसपास के खेतों में पानी भर गया है। ऐसे में इलाके के खेतों में बने मकानों में करीब 10 से 12 लोग फंसे होने की खबर सामने आई है। हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। किलकिला नदी का पानी खेतों तक पहुंचने से वहां बने मकानों में रहने वाले लोगों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। तेज बहाव के कारण लोग खुद सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच पा रहे।

नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में भी लोगों में चिंता बढ़ी हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है। एसडीईआरएफ की टीम के रेस्क्यू शुरू करने के बाद फंसे लोगों और उनके परिजन ने राहत की सांस ली है। फिलहाल, सभी को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।

चित्रकूट से सामने आ रहे भयावह हालात

बीते दो दिन से चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पूरी तरह डूब हुआ था, पर बाढ़ का पानी भले उतर गया हो, लेकिन पीछे तबाही की ऐसी तस्वीर छोड़ गया, जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि, यहां बहाव कितना भयावह रूप रहा होगा। घाट के आसपास बने कई मकान, दुकानें और आश्रम पूरी तरह ढह गए हैं। यही नहीं बहाव की तेज धारा में बड़े-बड़े पेड़ तक उखड़कर बह गए हैं हालात का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि, एक नाव एक विशाल पेड़ की लगभग सबसे ऊपरी डगाल पर लटकी हुई है। बाढ़ के कारण यहां जन जीवन लगभग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती

स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका सिर्फ घर और कारोबार नहीं उजड़ा, बल्कि पूरे इलाके का संपर्क और सामान्य जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. हनुमानधारा को जोड़ने वाला पुल टूटने से राघव प्रयाग घाट का सीधा संपर्क टूट गया है। अब लोगों को यहां पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि, उन्हें राहत और मदद की जरूरत है, लेकिन प्रशासनिक सहायता अभी तक पर्याप्त नहीं पहुंच पा रही है। अब चुनौती सिर्फ नुकसान की भरपाई की नहीं, बल्कि टूटे रास्तों, ढहे घरों और उजड़े रोजगारों को दोबारा पटरी पर लाने की जद्दोजहद की है।

टीकमगढ़ में लगातार बारिश ने जनजीवन किया प्रभावित

टीकमगढ़ जिले में भी लागातार भारी बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। किसानों और मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई खेतों में पानी भरा है और ग्रामीण इलाकों में आवाजाही खासा प्रभावित है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार बारिश से खेती-किसानी के काम रुके हुए हैं। गांवों में रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ा है।

जबलपुर का बरगी 95% फुल

लगातार बारिश के बीच जबलपुर जिले के बरगी बांध का जलस्तर बढ़कर 422.10 मीटर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह सामने आए अपडेट पर गौर करें तो बांध में 3033 एमसीएम यानी 95.38 फीसदी जलभराव दर्ज हुआ है। बांध में औसतन 974 क्यूमेक पानी की आवक हो रही है। फिलहाल बरगी बांध के सभी गेट बंद हैं, लेकिन जलस्तर को देखते हुए शाम तक पांच गेट खोले जाने की संभावना है। गेट खुलने की स्थिति में नर्मदा नदी के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ सकता है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।