
Bhopal Upper Lake Encroachment: बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने की शुरुआत शनिवार से कर दी गई। बुलडोजर फिर से गरजने लगे। लेकिन पर्यावरण विभाग के एक आदेश से उनकी गर्जना कैचमेंट में बने बड़े और रसूखदारों के निर्माण तक नहीं पहुंचेगी। विभाग ने इसे नियम-कानूनों के चक्कर में बुरी तरह उलझा दिया है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने राशिद नूर खान की जनहित याचिका पर सुनवाई कर तीन अलग-अलग आदेशों में कैचमेंट को पूरी तरह साफ (Bhopal Upper Lake catchment encroachment area) करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। लेकिन पर्यावरण विभाग ने सर्कुलर जारी कर प्रशासन को 2022 के बाद हुए निर्माण और कब्जों को हटाने का ही आदेश दिया। अब बुलडोजर इसी आदेश के आधार पर चल रहा है। इसकी जद में चिह्नित 347 में से 117 छोटे मोटे निर्माण ही आ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि 2022 से पहले के कब्जों का क्या होगा?
फरवरी से अब तक सर्वे सीमांकन के बाद प्रशासन-नगर निगम ने तालाब के कैचमेंट में 347 कजे चिह्नित किए। इनमें जमीन खरीद कर बिना अनुमति आलीशान इमारतें खड़ी करने वालों के साथ सरकारी निर्माण भी हैं। अप्रेल में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की, पर बाद में बंद कर दिया। अब दो माह बाद फिर कार्रवाई शुरू की है। लेकिन पर्यावरण विभाग ने (Bhopal Upper Lake Encroachment environment department) रसूखदारों को बचाने के लिए बीच का रास्ता निकाल लिया। 2022 को आधार मानकर 347 में से 117 निर्माण ही हटाने की बात कही जा रही है।
भोपाल के बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया से कब्जे हटाने (Bhopal Upper Lake Encroachment removed) के मामले में कुछ दिन पहले ही प्रशासन ने एनजीटी में एक्शन टेकन रिपोर्ट दी। बताया-कब्जे हटा रहे हैं। एनजीटी ने बाकी कब्जों की जानकारी मांगी। कार्रवाई बंद होने पर नाराजगी जताई। प्रशासन से कहा, कार्रवाई के दौरान याचिकाकर्ता राशिद नूर को मौके पर ले जाएं। फिर भी प्रशासन नहीं ले गया। 9 जुलाई को फिर रिपोर्ट पेश करनी है।
-एनजीटी ने कब्जों पर क्या आदेश दिए थे?
-तीन आदेशों में कैचमेंट से संपूर्ण कब्जे हटाने को कहा था।
-2022 के बाद के कब्जे हटाने का आदेश किसने और कैसे दिया?
राज्य पर्यावरण विभाग ने सर्कुलर जारी कर कार्रवाई सीमित की। एनजीटी ने आपको मौके पर कार्रवाई में शामिल होने कहा था।
-आपने आपत्तियां नहीं ली?
-प्रशासन ने एनजीटी का आदेश नहीं माना। कार्रवाई कब-कहां होती है, वे मुझे बताते।
-अब तालाब के पुराने कब्जों का क्या होगा? क्या ये नहीं हटेंगे?
-कार्रवाई के खिलाफ एनजीटी में अवमानना याचिका लगाऊंगा। पुराने कब्जों को हटाने के एनजीटी ने पहले से स्पष्ट आदेश दिए हैं।
-बड़ा तालाब के कैचमेट में निर्माणों पर पत्रिका ने मुहिम चलाई।
-फरवरी में सांसद आलोक शर्मा, पूर्व कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने एसडीएम को कार्रवाई को कहा।
-21 अप्रेल तक अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए। रुकी कार्रवाई शनिवार से फिर शुरू।