
MP News : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा विजयादशमी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में देश में हालिया विरोध प्रदर्शनों और 'रिजीम चेंज' की कोशिशों पर बयान दिया है। उनके द्वारा दिए बयानों पर अब देशभर के साथ - साथ मध्य प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। हालात ये हैं कि, भाजपा - कांग्रेस अपने अपने तर्कों और आरोपों के साथ एक दूसरे पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
इसी कड़ी में राजधानी भोपाल लोकसभा सीट से सांसद आलोक शर्मा ने संघ प्रमुख के बयान का समर्थन किया। साथ ही, विपक्षी दल कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इसपर कांग्रेस की ओर से भी तीखा पलटवार किया गया है। साथ ही, संघ और भाजपा को आड़े हाथ लिया है।
आपको बता दें कि, विजयादशमी पर आरएसएस के नागपुर स्थित कार्यालय पर संघ का बड़ा कार्यक्रम हुआ है। इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन का केंद्र देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को बताया। उन्होंने फ्रांस, नेपाल और बांग्लादेश की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि, कुछ ताकतें भारत में भी 'रिजीम चेंज' करने की कोशिशों में जुटी हैं, लेकिन देश के मजबूत नेतृत्व ने उनके खेल को बंद कर दिया। भागवत के इस बयान का समर्थन करते हुए भोपाल सांसद और भाजपा नेता आलोक शर्मा ने कांग्रेस के साथ साथ हालिया प्रदर्शनों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के तार विदेशी फंडिंग से जुड़े होने का दावा किया है।
सांसद शर्मा ने कहा कि, आंदोलन देश को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि समाधान को लेकर होने चाहिए। इस दौरान उन्होंने गंभीर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, इस विजयादशमी पर राहुल गांधी रूपी रावण का भी अंत होना चाहिए और इनका पुतला जलाया जाना चाहिए। उन्होंने ये भी जोड़ा कि, जल्द आने वाले FCRA कानून से विदेशी फंडिंग को लेकर बड़ा पर्दाफाश किया जाएगा। इससे कांग्रेस का असली चेहरा भी बेनकाब होगा।
सांसद आलोक शर्मा और संघ प्रमुख के बयान सामने आने के बाद कांग्रेस की ओर से भी पलटवार हुआ है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने पहले मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, उन्हें ये भी स्पष्ट करना चाहिए कि बार-बार हर वर्ग धरने पर क्यों बैठ रहा है और सड़कों पर क्यों आ रहा है? जिस प्रकार से सरकार के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है, क्या आपको इसके पीछे के कारण नहीं खोजना चाहिए?
सांसद शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विवेक त्रिपाठी ने कहा कि, देश और प्रदेश में सरकार आपकी है, इसलिए दूसरों पर आरोप मढ़ने के बजाय आप खुद की जांच करवा लीजिए कि, फंडिंग कहां से हो रही है। आरएसएस सिर्फ बीजेपी को बचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता सब समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में करारा सबक सिखाएगी।
कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों और पुतला दहन के मुद्दे पर भी बीजेपी को आड़े हाथों लिया। विवेक त्रिपाठी ने सवाल उठाया कि, जब ज्ञानेश कुमार से सवाल पूछते हैं तो भाजपा उनके बचाव में क्यों उतर आती है? क्या बीजेपी अब निर्वाचन आयोग की आधिकारिक प्रवक्ता भी बन गई है? उन्होंने आरोप लगाया कि, ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए पूरी भाजपा मैदान में है। सरकार ने अपने एक मंत्री का इस्तीफा तो ले लिया, लेकिन ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं लिया, इससे साफ है कि, सरकार को सत्ता में लाने में ज्ञानेश कुमार की कितनी अहम भूमिका है।