
लॉरेंस बिश्नोई। फोटो- Patrika
Lawrence Gang : टाइगर श्राफ पर हमले के बाद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उसकी गैंग ने एमपी में भी पैर पसारने की खूब कोशिश की थी। राज्य के अनेक कारोबारियों से फिरौती मांगी थी और हमला कर दहशत भी फैलाई। इंदौर और खरगोन में कुछ रईसों को टारगेट किया गया था। यहां तक राजधानी भोपाल तक में अपना डर फैलाने का प्रयास किया था। हालांकि लॉरेंस गैंग का कारोबार यहां जम नहीं सका। पुलिस ने उसके कई गुर्गों का पकड़कर फिरौती वसूलने के मंसूबों पर पानी फेर दिया था।
10 करोड़ की रंगदारी मांगी
इसी साल फरवरी में सतना जिले के शिवराजपुर निवासी रुद्र त्रिपाठी से लॉरेंस विश्नोई गैंग की ओर से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। इस बड़े कारोबारी को मोबाइल पर कॉल करने वाले बदमाश ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग का बताते हुए पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। 60 वर्षीय रुद्र त्रिपाठी ने मुंबई के थाणे के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में मामले में एफआइआर दर्ज कराई। उन्हें पहली बार 11 फरवरी को वाट्सएप पर कॉल करके धमकाया गया था।
भोपाल के कारोबारी गौरव जैन से भी लॉरेंस गैंग के नाम पर 10 करोड़ की फिरौती मांगी गई थी। इस मामले में एसटीएफ और एसआइटी ने गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ़्तार भी किया था। इंदौर के एक बिल्डर, खरगोन के कारोबारी को भी लॉरेंस विश्नोई के नाम से धमकाया गया था।
लॉरेंस गैंग ने प्रदेश के करीब आधा दर्जन कारोबारियों से रंगदारी मांगी मिली। लगातार धमकियों के बाद प्रदेश की पुलिस को सक्रिय किया गया। लॉरेंस गैंग की धमकियों का केस डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसआइटी को सौंप दिया था। इसके बाद कुछ गुर्गों को दबोचा भी गया था। यूपी और राजस्थान के बदमाशों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया था।
तब एसटीएफ के अधिकारियों ने गैंग के गुर्गों से हैरी बॉक्सर के बारे में लगातार पूछताछ की थी। तत्कालीन एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा ने यह भी कहा था कि पुलिस के रडार पर कई संदिग्ध हैं।
Updated on:
20 Oct 2026 11:06 am
Published on:
20 Oct 2026 11:06 am
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