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MP में फिर हो सकती है बिजली की दिक्कत, ठंड में मांग बढ़ी तो होगी कटौती, कई यूनिट अब भी बंद

MP Electricity Crisis: मध्य प्रदेश में बिजली संकट का खतरा अभी टला नहीं है। मांग बढ़ने, बारिश की कमी और कोयले की सप्लाई अटकने से आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है।
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भोपाल

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Akash Dewani

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Haricharan Yadav

•

Oct 20, 2026

MP Electricity Crisis: कोयले की कम सप्लाई के कारण फिर हो सकती है बिजली की दिक्कत (फोटो सोर्स- Patrika)

MP Electricity Crisis: कोयले की कम सप्लाई के कारण फिर हो सकती है बिजली की दिक्कत (फोटो सोर्स- Patrika)

Electricity Crisis: मध्य प्रदेश में चल रहा ऊर्जा संकट फिलहाल कम होता नजर आ रहा है। राज्य में बिजली की अधिक मांग के बावजूद आपूर्ति पूरी करने की कवायद की जा रही है। 17 अक्टूबर को प्रदेश में बिजली की 16975 मेगावाट मांग पूरी की गई। बीते साल इसी सीजन में यह मांग 32% कम 12685 मेगावाट थी। इस तरह पिछले साल की तुलना में 32% अधिक बिजली आपूर्ति का रिकार्ड बना है, जबकि सितंबर के अंतिम और अक्टूबर के पहले व दूसरे सप्ताह में गंभीर ऊर्जा संकट गहराया।

मांग 17 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई थी। आपूर्ति 11-12 हजार मेगावाट पर ही अटक गई थी। हालांकि संकट अभी टला नहीं है। बारिश कम हुई है, इसलिए हाइडल प्लांटों को हमेशा चालू रखना संभव नहीं है। कोयले की आपूर्ति कभी भी अटक सकती है। वहीं, सौर ऊर्जा को स्टोर रखने के लिए मप्र अभी तैयार नहीं हुआ है।

पहले फेल, अब मैनेजमेंट

उ लॉ विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा इसलिए हो सका, क्योंकि खंडवा थर्मल पावर प्लांट में 1200 मेगावाट क्षमता की बंद दो यूनिट चालू करा दी गई। बीरसिंहपुर की 210 मेगावाट, जेपी बीना की 160 मेगावाट, लेनको पावर की 273 मेगावाट, एनटीपीसी मोहदा की 111 मेगावाट क्षमता की यूनिटें चालू करा ली है। ये मेंटेनेंस व तकनीकी खराब के कारण बंद थीं। उधर ओंकारेश्वर, गांधीसागर व सरदार सरोवर की यूनिटें भी चालू हो चुकी हैं। विशेषज्ञों की माने तो यह प्रबंधन पहले ही कर लिया गया होता तो लोगों को ऊर्जा संकट नहीं झेलना पड़ता।

अभी यूनिटें खराब, 10 दिन बाद 939 मेगावाट बिजली

विभाग का दावा है कि प्रदेश को 10 दिन बाद 939 मेगावाट बिजली और मिलने लगेंगी। अभी यूनिटें खराब हैं। बाकी मेंटेनेंस के लिए बंद की गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 160 मेगावाट की जेपी बीना यूनिट, 107 मेगावाट की मोहदा एनटीपीसी यूनिट, 296 मेगावाट की बीरसिंहपुर यूनिट का मेंटेनेंस चल रहा है। यह नवंबर के पहले सप्ताह में चालू हो जाएंगी। वहीं, गाडरवारा में एनटीपीसी की 376 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट मंगलवार से चालू होनी है।

पत्रिका ने सबसे पहले बताया तब कैबिनेट में चर्चा.. सुधार

पत्रिका ने सबसे पहले मप्र में गहराए ऊर्जा संकट को उठाया था। इसके बाद मंत्रियों ने विशेष कैबिनेट में चर्चा की मांग की। गुरुवार की हुई कैबिनेट में इस पर चर्चा हुई। सीएन ने विकल्पों