कांग्रेस भी अपने सभी प्रत्याशियों की सूची लगभग तैयार...
भोपाल। मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए, जहां बसपा की और से 22 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी गई है। वहीं अब जनता की निगाहें भाजपा व कांग्रेस की सूची का इंतजार करती देखी जा सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जहां कांग्रेस भी अपने सभी प्रत्याशियों की सूची लगभग तैयार कर चुकी है, वहीं भाजपा नेतृत्व की ओर से अब भी प्रदेश में प्रत्याशियों को लेकर मंथन किया जा रहा है। पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा आलाकमान ने प्रत्याशियों की पहली सूची के लिए नाम लगभग तय कर लिए हैं।
ऐसे में यह बात भी सामने आ रही है कि इस बार कई बड़े नाम वाले नेताओं का टिकट कट सकता है। चर्चा है कि पहले चरण में भाजपा 75 उम्मीदवारों की घोषणा जल्द ही कर सकती है।
इन पर लटकी तलवार...
माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश समेत तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव सीधे तौर पर 2019 के लोकसभा चुनाव को प्रभावित करेंगे। इसी के चलते जानकारों का मानना है कि इस बार भाजपा की ओर से जिताऊ उम्मीदवारों पर ही दांव खेला जाएगा।
सामने आ रही सूचनाओं की माने तो पिछले विधानसभा चुनाव में 20,000 और उससे अधिक वोटों के अंतर से हारे करीब 13 पूर्व प्रत्याशियों का टिकट काटा जा सकता है। वहीं, पार्टी आलाकमान की तलवार उन विधायकों पर भी लटकी नजर आ रही है, जो 1000 या उससे कम वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे।
इन्हें किया जाएगा साइडलाइन!
माना जा रहा है कि जो लोग विधानसभा चुनाव के समय बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकते है, उन्हें भी पार्टी द्वारा साइडलाइन करने की तैयारी की जा चुकी है।
इन्हें नहीं मिलेगा मौका...
राजनीति के जानकार डीके शर्मा के अनुसार इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा अपने कई पूराने उम्मीदवारों को झटका दे सकती है। उनके अनुसार यह बात पूर्व में पार्टी नेताओं की ओर से संकेत में कई बार कहीं भी जा चुकी है।
जानकारों की माने तो बीजेपी जिस तरह से कार्य कर रही है उसे देखकर लगता है कि इस बार पिछले विधानसभा चुनाव में बड़े अंतर से हारने वाले नेताओं का टिकट काटा जा सकता है। इसके साथ ही पार्टी आलाकमान ने इस बार 'दागी' प्रत्याशियों से भी किनारा करने का मन बना लिया है। वहीं बताया जाता है कि पार्टी ने टिकट बंटवारे को लेकर गाइडलाइन भी जारी कर दी है। हालांकि, उम्मीदवारों के नामों की घोषणा पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
ये रहेंगे टिकट से दूर!
सूत्रों की मानें, तो इस विधानसभा चुनाव में जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ही टिकट दिए जाएंगे। विधानसभा चुनाव 2018 में नकारात्मक, दागी, आपराधिक, बाहुबली और विवादास्पद छवि वाले चेहरों से पार्टी नेतृत्व ने दूरी बनाने की कोशिश जारी है। हालांकि, इसमें भी जिताऊ उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जा सकता है।