
MP BJP : देशभर में इस समय दीपोत्सव का उल्लास है। लोग धूमधाम से दिवाली मना रहे हैं। पर्व त्योहारों की गहमागहमी के बीच भी मध्यप्रदेश भाजपा अपनी आगामी योजनाओं पर काम करने में जुटी हुई है। पार्टी, अगले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते अपनी रणनीतियां बना रही है। प्रदेश में जनाधार बढ़ाने की बीजेपी हर कवायद कर रही है। उसकी नजर मप्र के आदिवासी वोट बैंक पर है। उन्हें कांग्रेस का परंपरागत वोटर माना जाता रहा है हालांकि बीजेपी ने इस वर्ग में भी अपनी खासी पैठ बना ली है। जनजातियों पर अपनी पकड़ और मजबूत करने तथा उन्हें कांग्रेस से दूर करने के लिए भाजपा ने तीन दिवसीय कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया है। अगले सप्ताह से इनपर अमल शुरु कर दिया जाएगा। सीएम मोहन यादव और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मिलकर इसके लिए लगातार विचार विमर्श करते रहे हैं।
बिरसा मुंडा जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14 से 16 नवंबर तक प्रदेश के अलग-अलग आदिवासी अंचलों में बड़े आयोजन होंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा बूथ स्तर तक अपनी रीति-नीति और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार करेगी।
कार्यक्रमों की शुरुआत 14 नवंबर को जबलपुर से होगी। 15 नवंबर को डही से आलीराजपुर तक दूसरी पाइपलाइन का लोकार्पण किया जाएगा। वहीं 16 नवंबर को निमाड़ अंचल के खंडवा में आयोजन होगा। इनमें भाजपा के सांसद, विधायक और नेता शामिल होंगे। भाजपा गौरव दिवस के आयोजनों से इस रणनीति को जमीन पर उतारने की तैयारी में है।
मध्यप्रदेश में देश में सर्वाधिक आदिवासी आबादी निवास करती है। प्रदेश की 47 एसटी आरक्षित विधानसभा सीटों में भाजपा ने 2023 के चुनाव में 24 सीटें जीती थीं। वहीं आदिवासी प्रभाव वाली 29 सामान्य सीटों में से 20 पर भी पार्टी को जीत मिली थी।
इसके बावजूद भाजपा जमीनी स्तर पर अपना जनाधार बढ़ाने में जुटी है। इससे पहले पचमढ़ी में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में एसटी प्रभाव वाली 56 सीटों पर विस्तार की रणनीति बनाई गई थी।
मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई प्रमुख नेता आदिवासी वर्ग के हैं। इनमें फग्गन सिंह कुलस्ते, दुर्गादास उइके, सावित्री ठाकुर, डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, गजेंद्र पटेल व विजय शाह जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। इन आदिवासी नेताओं को बीजेपी ने संगठन के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार में भी अहम पदों पर नवाजा है। धार से लोकसभा सांसद सावित्री ठाकुर और बैतूल से लोकसभा सांसद दुर्गादास उइके केंद्रीय मंत्रिपरिषद में मंत्री हैं। कुंवर विजय शाह और संपतिया उइके मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।