भोपाल

करकरे पर बयान देकर घिरीं साध्वी, बीजेपी ने भी किया किनारा

करकरे पर बयान देकर घिरीं साध्वी, बीजेपी ने भी किया किनारा
2 min read
Apr 19, 2019
sadhvi

भोपाल. भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। साध्वी ने शहीद हेमंत करकरे पर बयान देकर नए विवाद में फंस गई है। चुनाव आयोग ने भी इस बयान पर संज्ञान लिया है। साथ ही आईपीएस एसोसिएशन ने भी नाराजगी जाहिर की है। साध्वी के बयान पर सियासी बवंडर के बाद बीजेपी ने भी किनारा कर लिया है।

विवाद बढ़ता देख भाजापा ने एक प्रेस नोट जारी कर इस मुद्दे पर सफाई दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी की तरफ से जारी प्रेस नोट में लिखा गया है कि भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मानना है कि स्वर्गीय हेमंत करकरे आतंकवादियों से बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। भाजपा ने हमेशा उन्हें शहीद माना है। प्रेस नोट में लिखा गया है कि जहां तक साध्वी प्रज्ञा के इस संदर्भ में बयान का विषय है, वह उनका निजी बयान है जो वर्षों तक उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण दिया गया होगा।

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रज्ञा ठाकुर के बयानों की निंदा की है। उन्होंने लिखा है कि 26/11 के शहीद हेमंत करकरे पर बीजेपी उम्मीदवार के बयान को कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। भाजपा अब अपना असली रंग दिखा रही है और इसे अब इसकी जगह दिखा देनी चाहिए।

कवि कुमार विश्वास साध्वी के बयान पर ट्वीट कर लिखते हैं कि मुंबई आतंकी हमले में आतंकवादियों से सीधे भीड़ने वाले शहीद हेमंत करकरे के बलिदान को उसके कर्मों की सजा बता रही हैं भोपाल प्रत्याशी... जो मंच पर बैठे हैं वो एक चुनावी हार-जीत के लिए, बेशर्मी से ताली बजा रहे हैं? देश के लिए वर्दी में शहीद हो चुके एक सिपाही के साथ ये सलूक?


क्या कहा है साध्वी ने
दरअसल, भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए साध्वी ने कहा है कि हेमंत करकरे ने मुझे मालेगांव ब्लास्ट केस में फंसाया था। इस दौरान मैंने उन्हें बताया था कि तुम्हारा सर्वनाश हो जाएगा, वो अपने कर्मों की वजह से मरे हैं। साध्वी ने यह भी कहा कि हेमंत ने मेरे साथ काफी गलत व्यवहार किया था। साथ ही साध्वी का आरोप था कि मुझे वह तरह-तरह की यातनाएं देते थे। इस केस में वे मुझे गलत तरीके से फंसाए थे।

कौन हैं हेमंत करकरे
मुंबई में आतंकवादी हमले में एटीएस चीफ हेमंत करकरे आतंकवादियों की गोली के शिकार हो गए थे। साथ ही वह मालेगांव सीरियल ब्लास्ट की जांच भी कर रहे थे। करकरे 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। महाराष्ट्र के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के बाद इनको एटीएस चीफ बनाया गया था। वहीं, हेमंत की शहादत को सलाम करते हुए भारत सरकार ने मरणोपरांत उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया था।

Updated on:
19 Apr 2019 06:21 pm
Published on:
19 Apr 2019 06:21 pm