
Ethanol Blended E-20 PetrolPhoto Source- Patrika)
Bhopal News : देशभर में इथेनॉल युक्त ई-20 पेट्रोल पर मचे बलाव के बीच अब मध्य प्रदेश में भी वाहनों में आ रही समस्याओं के लेकर मालिकों की शिकायतें आना शुरू हो गई हैं। पत्रिका ने राजधानी भोपाल के कई क्षेत्रों में 10 कार और बाइक सर्विस सेंटरों की पड़ताल कर हकीकत जानने का प्रयास किया।, जिसमें सामने आया कि जून से जुलाई के बीच कई सेंटरों पर फ्यूल सिस्टम से जुड़ी शिकायतों का ग्राफ बढ़ा है। खासकर 5 से 7 साल पुराने वाहनों में कार्बोरेटर, फ्यूल फिल्टर, फ्यूल पंप, इंजेक्टर और रबर पाइप में शिकायतें आ रही हैं।
हालांकि कुछ सर्विस सेंटर ई-20 पेट्रोल को सीधे तौर पर इन खराबियों की वजह नहीं मान रहे। कई मैनेजरों का दावा है कि, पुराने वाहनों में सामान्य घिसावट और समय पर सर्विस नहीं कराने से समस्याएं आती हैं, लेकिन नए वाहनों के साथ ऐसा नहीं है।
नर्मदापुरम रोड स्थित एक निजी सर्विस सेंटर के मैकेनिक राजदीप ने बताया कि, पहले रोजाना 25 से 30 कारें सर्विस के लिए आती थीं। लेकिन, इन दिनों संख्या 50 से 55 तक पहुंच गई है। पहले 20 वाहनों का फ्यूल फिल्टर साफ करना पड़ता था, लेकिन अब संख्या 30 तक पहुंच गई है। इसमें फ्यूल सिस्टम में जमा गंदगी के कारण सफाई होती है। अगर दस सर्विस सेंटर जोड़ें तो करीब 500 कारें हर रोज सर्विस के लिए पहुंच रही है।
कार सर्विस सेंटर के मैनेजर ने बताया कि, नई कारों में ऐसी समस्या नहीं के बराबर है, लेकिन पुराने वाहनों में फ्यूल पंप और रबर पाइप से जुड़ी शिकायतें अचानक से बढ़ी हैं। फ्यूल सिस्टम की शिकायत लेकर पहुंचे पांच वाहनों में से दो के फ्यूल पंप बदलने पड़ रहे हैं।
निजी सर्विस सेंटर के सर्विस मैनेजर हर्ष का कहना है कि, कंपनी पिछले चार वर्षों से ई-20 के अनुरूप इंजन तैयार कर रही है। इसलिए साल 2023-24 के बाद आए कारों में ई-20 से जुड़ी समस्या सामान्य तौर पर सामने नहीं आ रही है। उनका कहना है कि, सामान्य तकनीकी खराबियों को ई-20 पेट्रोल से जोड़ना सही नहीं है।
मैनिट के एनर्जी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गौरव द्विवेदी का कहना है कि, अब तक ऐसी कोई प्रमाणित स्टडी सामने नहीं आई है, जिससे ये साबित हो कि 2023 से पहले के वाहनों के इंजन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से खराब हो रहे हैं। उनके अनुसार, इथेनॉल की टेस्टिंग में भी ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला है कि, इससे इंजन या वाहन के कलपुर्जों को सीधे नुकसान होता हो। हां, इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कम होने के कारण माइलेज में कुछ कमी देखी जा सकती है। पुराने वाहनों में आने वाली दिक्कतें उनकी सर्विसिंग, रखरखाव और पार्ट्स की स्थिति पर अधिक निर्भर करती हैं।
Updated on:
14 Jul 2026 08:27 am
Published on:
14 Jul 2026 08:27 am
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