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भोपाल का नया परिसीमन लागू, हुजूर तहसील के टुकड़े होंगे, 22 ग्राम पंचायत ननि में शामिल! नोटिफिकेशन जल्द

Bhopal new delimitation: राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान लागू करने और मेट्रोपॉलिटन रीजन का खाका जमीन पर उतारने से पहले परिसीमन का पहला फेज लागू किया, टीएंडसीपी से लेकर नगर निगम के नियम लागू होंगे, बरखेड़ा नाथू और रातीबड़ का ग्रामीण इलाका, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 लागू करने से शुरुआत
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Bhopal new delimitation metropolitan region masterplan

Bhopal new delimitation metropolitan region masterplan: ऐसे समझें कैसे बढ़ेगा भोपाल शहर का दायरा। (photo: patrika creative)

Bhopal new delimitation: राजधानी में मास्टर प्लान लागू करने और मेट्रोपॉलिटन रीजन का खाखा जमीन पर उतारने से पहले परिसीमन का पहला फेज लागू कर दिया गया है। शहर का दायरा बढ़ाया जा रहा है, आसपास की 22 ग्राम पंचायत क्षेत्र को नगर निगम सीमा में शामिल किया जाएगा। इसका नोटिफिकेशन जल्द ही जारी होगा।

हुजर विधानसभा पर दिखेगा सबसे बड़ा असर

शहर में इसका सबसे बड़ा असर हुजूर विधानसभा में पड़ने जा रहा है। हुजूर विधानसभा दो टुकड़ों में बंट जाएगी। शहर में शामिल 24 ग्राम पंचायत में केंद्र सरकार की वेस्ट मैनेजमेंट गाइडलाइन सहित जिला वेटलैंड प्राधिकरण के नियम लागू हो जाएंगे। इसी के साथ कैचमेंट में मौजूद ग्राम पंचायतों में 50 मीटर के अंतर्गत निर्माण पर रोक जैसे प्रावधान भी अस्तित्व में आ जाएंगे।

ऐसे समझें यहां तक बढ़ेगा शहर

  1. इंदौर रोड और बैरागढ़ क्षेत्र (पश्चिम दिशा) में भौंरी नगर निगम सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है, जहां कई बड़े शैक्षणिक संस्थान आइएसर, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर स्थित हैं। खजुरी सड़क, फंदा कलां, बकानिया, मुगालिया छाप है।
  2. नर्मदापुरम रोड और कोलार क्षेत्र (दक्षिण दिशा) में समरधा मिसरोद के आगे हाईवे पर नगर निगम सीमा के ठीक किनारे स्थित है। रतनपुर सड़क, मैंडोरी और मैंडोरा कलियासोत और केरवा डैम के पास स्थित ये गांव नगर निगम की सीमा के ठीक बाहर आते हैं।
  3. रायसेन रोड और विदिशा रोड (पूर्व दिशा) में बिलखिरिया, कोकता, सूखी सेवनिया, चोपड़ा कलां जैसी ग्राम पंचायतें शहर का ही ही हिस्सा हो गई हैं।
  4. बैरसिया रोड और एयरपोर्ट क्षेत्र (उत्तर दिशा) में लाम्बाखेड़ा करोंद के आगे बढ़ने पर नगर निगम सीमा के पास स्थित मुख्य गांव है। ईंटखेड़ी, मुगालिया कोट, गोलखेड़ी गांव और इनसे जुड़ी पंचायतें शहरी सीमा का ही हिस्सा लगते हैं।

600 वर्ग किमी हो जाएगा दायरा

अभी शहरी हिस्सा 463 वर्ग किमी है। 24 नई ग्राम पंचायतों के शामिल होने से दायरा 600 वर्ग किमी हो जाएगा। पास के गांवों के शहर में सुविधाएं कब तक पहुंचेगी ये तो तय नहीं है, लेकिन यहां के लोगों पर शहरी टैक्स जरूर लगना तुरंत शुरू हो जाएगा। मास्टर प्लान से लेकर मेट्रो के लिए तय नियमों में टीओडी का प्रावधान है।

निगम के साथ होगा एमओयू

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का कहना है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 को ग्राम पंचायतों में लागू करने के लिए फिलहाल निगम और जिला पंचायत के बीच एमओयू कराया जाएगा। गौरतलब है कि ये शहर किनारे से लगे गांवों से जुड़ी पंचायतें हैं। यहां शहरी बसाहटें तेजी से बढ़ी है। देखने में अब ये शहरी क्षेत्र ही लग रहे हैं।