
Jail Department: कर्मचारियों को मिलेगी बेहतर सुविधा, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News:मध्यप्रदेश में जेलकर्मियों के आशियाने का सपना पूरा करने के लिए जेल विभाग द्वारा पहली बार घरों के निर्माण के लिए 231 करोड़ के रिकॉर्ड बजट की मंजूरी दी गई है। इस योजना को कई चरणों में लागू किया जाएगा। जिसके पहले चरण के तहत 50 करोड़ के निर्माण कार्य किए जाएंगे।
इसकी प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव जेल विभाग के प्रमुख सचिव के पास भेजा गया है। बता दें अभी तक प्रदेश की ज्यादातर जेलों काम करने वाले कर्मचारियों के लिए में रहने की सुविधाएं नहीं हैं। जिसके कारण जेलकर्मियों को प्राइवेट मकान लेकर दूर रहना पड़ता है। लेकिन अब इस समस्या का दूर करने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर एच टाइप मकान बनाने की तैयारी शुरू की गई है।
प्रदेश में 7 हजार जेलकर्मी हैं। कई जेलों में लंबे समय से आवास सुविधा नहीं हैं। इससे परेशानी हो रही थी। 231 करोड़ के बजट से कर्मियों को सुविधा मिलेगी।- वरुण कपूर, डीजी जेल
पहले चरण में 50 करोड़ से 250 यूनिट टू बीएचके तैयार किए जाएंगे। इसमें पन्ना, सीधी, अनूपपुर, श्योपुर, सीहोर, सिवनी और निवाड़ी जिला जेल सहित एक दर्जन से ज्यादा सब जेल शामिल हैं। विभाग के मुताबिक घरों के निर्माण कार्य शुरू करने करने से पहले प्राथमिकता के आधार पर सर्वे करवाया गया है। जहां रहने की कोई व्यवस्था नहीं है या आवास जर्जर हालात में हैं। पहले उन्हें चिह्नित किया है। उसके बाद प्राथमिकता के आधार पर धीरे सब जगह आवासों की समस्या दुरूस्त की जाएगी।
जेल विभाग के बजट सूचकांक की स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण नए काम की अनुमति नहीं मिल पा रही थी। पहले 110 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। लेकिन सही ढंग से खर्च नहीं होने से रेटिंग खराब हो गई थी। जिसके कारण नए कार्यों की अनुमति नहीं मिल रही थी। लेकिन एक साल में बजट का 92% का काम कर पहले सूचकांक सुधारा गया। उसके बाद नए निर्माण कार्यों के लिए और बजट एलॉट करवाया गया।
इंदौर शहर में आज से 2 साल पहले वल्लभ नगर स्थित मार्केट को तोड़कर नया बनाने की प्लानिंग नगर निगम में की गई। जमीन को लेकर झगड़ा पैदा होने के चलते मार्केट का प्लान कागजों में ही रह गया और धरातल पर अभी तक नहीं आ पाया है। ऐसे में अब मार्केट की जगह प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाय) के तहत बहुमंजिला इमारत में फ्लैट या फिर मिक्स यूज यानी दुकानों के साथ फ्लैट बनाने की प्लानिंग की जा रही है। कारण मार्केट की जमीन का लैंड यूज आवासीय बताया जा रहा है।
Updated on:
14 Jul 2026 10:46 am
Published on:
14 Jul 2026 10:46 am
