
MP Congress -मध्यप्रदेश में कांग्रेस की अंतर्कलह थमने का नाम ही नहीं ले रही है। कहीं कार्यकर्ता आपस में भिड़ रहे हैं तो कहीं असंतुष्ट होकर त्यागपत्र दे रहे हैं। यूथ कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में खूब हंगामा हुआ। कार्यकर्ता हाथापाई पर उतर आए। यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष यश घंगोरिया को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा। उधर ग्वालियर में नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद बवाल मच गया। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने असंतुष्ट होकर इस्तीफे दे दिए। सीधी में भी कांग्रेसियों के बीच धक्कामुक्की हुई। यहां सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद भड़का जिसके बाद दो नेताओं को निष्कासित कर दिया गया। कांग्रेस के अंदर मची इस उठापटक को बीजेपी जमकर हवा दे रही है। प्रदेश मीडिया प्रभारी ने यूथ कांग्रेस का वीडियो पोस्ट कर तंज कसा। उन्होंने कांग्रेस की बैठक को अंतर्कलह का मंच करार देते हुए पूछा कि जो अपनी बैठक तक नहीं संभाल पा रहे, वे प्रदेश क्या संभालेंगे?
ग्वालियर में शहर जिला कांग्रेस कमेटी की बहुप्रतीक्षित नई कार्यकारिणी घोषित होते ही पार्टी में अंतर्कलह और असंतोष का ऐसा ज्वालामुखी फटा कि प्रदेश नेतृत्व को 24 घंटे के भीतर ही बैकफुट पर आना पड़ा। सुबह 52 पदाधिकारियों के नाम की सूची सामने आई, दोपहर होते-होते इस्तीफों की झड़ी लग गई, और शाम ढलते-ढलते 'आंशिक संशोधन' का हवाला देकर पूरी सूची को ही स्थगित करना पड़ा।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संगठन में रात-दिन एक करने वाले जमीनी और वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर चहेतों को रेवडिय़ों की तरह पद बांटे, जिससे नाराज नेताओं ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया। कार्यकारिणी सूची जारी होते ही सबसे ज्यादा आक्रोश उन वरिष्ठ नेताओं में देखा गया, जिनका कद बढ़ाने के बजाय उन्हें जूनियर पदों पर धकेल दिया गया। संगठन में लंबे समय से सक्रिय चेहरों का डिमोशन करना पार्टी को भारी पड़ गया।
पूर्व विधानसभा के कार्यकर्ताओं में ज्यादा आक्रोश दिखा। इस्तीफों की झड़ी यहीं से शुरू हुई। पूर्व में संगठन महामंत्री और जिला उपाध्यक्ष जैसे कद्दावर पदों पर रह चुके लतीफ खान मल्लू और ऊदल सिंह को नई सूची में महज सचिव बना दिया गया। इसे अपना अपमान बताते हुए दोनों नेताओं ने तत्काल सचिव पद से इस्तीफा दे दिया। प्रतीक जैन ने भी कार्यकारिणी में तवज्जो न मिलने और असंतोषजनक पद मिलने के कारण अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया।
सीधी में जिस बैठक में कांग्रेस नेताओं को आपसी समन्वय और एकजुटता का पाठ पढ़ाया गया, उसी के समापन में मंगलवार को दो नेताओं ने विधानसभा प्रभारी विनोद शर्मा की पिटाई कर दी। सोशल मीडिया की एक पोस्ट से भड़का, जिसमें सीधी विधानसभा प्रभारी शर्मा ने 12 जून को जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को बदलने को लेकर पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कोई सामंती किसी पद पर नहीं आएगा कहा, जिसे पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और दिग्विजय सिंह से जोड़कर देखा गया। बैठक में सिंह ने इसका जिक्र किया और चुरहट विस युकां पूर्व अध्यक्ष विजय सिंह लकोड़ा व कमलेंद्र सिंह ने शर्मा पर हमला कर दिया। अनुशासनहीनता में दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
भोपाल की बैठक और ग्वालियर में इस्तीफों पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तंज कसा है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने यूथ कांग्रेस की बैठक में हुई हाथापाई का वीडियो भी पोस्ट किया। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा कि कांग्रेस का यह दृश्य बताता है कि वहां संगठन नहीं, अंतर्कलह हावी है।