दोनों पार्टियां हुई सक्रिय, अनुसूचित जनजाति के नेताओं की बैठक।
भोपाल. उपचुनाव के ठीक पहले भाजपा में सत्ता और संगठन ने मिलकर अनुसूचित जनजाति वर्ग पर फोकस करना तय किया है। सीएम शिवराज सिंह सीएम हाउस पर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पदाधिकारियों, विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए है कि आदिवासी समुदाय तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाए। हितग्राहियों को पार्टी की विचारधारा से कनेक्ट किया जाए। शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस करके काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब तक जो कदम अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए उठाए हैं, उनका प्रचार-प्रसार तेजी से किया जाए। जहां आदिवासी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे, बहां पात्रों को लाभ दिलाया जाए। आदिवासी सीटों पर आकलन करके चुनावी तैयारी करने सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
वही दूसरी तरफ कांग्रेस को लगता है कि कोरोना काल और महंगाई के मुद्दे पर जनता सरकार के खिलाफ है। लोगों की नाराजगी को वोट में बदलने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ उपचुनावों का चक्रव्यूह तैयार कर रहे हैं। इसमें हर सीट पर कम से कम दस विधायकों की टीम तैनात की जाएगी।
इन उपचुनावों को भी कांग्रेस दमोह उपचुनाव की तर्ज पर लड़ेगी। जिस तरह कांग्रेस ने दमोह में भाजपा को शिकस्त दी, उससे पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ गया है। प्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने वाले हैं। इन चार सीटों में दो कांग्रेस की और दो भाजपा की सीट रहीं हैं। कांग्रेस कम से कम तीन सीट जीतकर लोहा मनवाना चाहती है।