घर की सब्सिडी वाली गैस शहर के होटलों, रेस्टोरेंट और नाश्ते के हाथठेलों पर उपयोग की जा रही है..प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई
भोपाल के व्यस्ततम इलाके में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। यहां कई होटलों में घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल से चाय-नाश्ता की दुकानें धड़ल्ले से चल रही है। बार-बार सिलेंडर खोलने और बंद करने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस मामले की प्रशासन को खबर तो जरूर है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की जाती है।
बता दें की हाल ही में शाहपुरा में एक घर और बाग सेवानियां इलाके में एक गोदाम में घरेलू गैस सिलेंडर के अवैध इस्तेमाल से आग लगने की घटना हो चुकी है। इसके बाद भी इस पर जिले के अफसर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि एमपी नगर जोन-1 में एक मॉल के सामने बने हॉकर्स कार्नर और स्ट्रीट फूड की लाइन में अधिकांश दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग खुलेआम किया जा रहा है। घर की सब्सिडी वाली गैस शहर के होटलों, रेस्टोरेंट और नाश्ते के हाथठेलों पर उपयोग की जा रही है। इससे ज्यादा मुनाफा भी कमा रहे हैं।
जिला प्रशासन व खाद्य विभाग की अनदेखी के चलते राजधानी के कई क्षेत्रों में दुकानदारों व होटल संचालकों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधान का जरा भी खौफ नहीं है। प्रशासन की कार्रवाई सुस्त होने से घरेलू सिलेंडर का खूब उपयोग हो रहा है। इस मामले में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक मीना मालाकार का कहना है कि एमपी नगर सहित शहर के किसी भी इलाके में होटल, रेस्टोरेंट व दुकानों पर अगर कोई घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग करता हुआ पाया गया, तो अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।