सिंगारचोली प्रोजेक्ट: रिटेनिंग वॉल एक्सपर्ट ने एनएचएआई को बताई खामियां, ठीक से फिक्स नहीं किए फ्लाईओवर के सीसी ब्लॉक, पटियों से की पैकिंग
भोपाल. सिंगारचोली से मुबारकपुर तक बन रहे 221 करोड़ रुपए के सिक्सलेन प्रोजेक्ट के पांच फ्लाईओवर के सीमेंट कांक्रीट ब्लॉक रिटेनिंग वॉल में ठीक तरह से फिक्स नहीं किए गए थे। ये ब्लॉक इंटरलॉक पेटर्न में एक-दूसरे से जोड़े जाते हैं जो स्ट्रक्चर को मजबूत दीवार में बदलते हैं। दो दिन से जांच पड़ताल में जुटे मेकाफेरी कंपनी के एक्सपर्ट ने एनएचएआई को प्रारंभिक रिपोर्ट देकर बताया कि सीसी ब्लॉक सही से इंटरलॉक नहीं किए गए थे।
सीडीएस इंफ्रा के पास कोई जवाब नहीं
कई जगह पर इसे बिठाने लकड़ी के पटिए लगाए गए ताकि गैप भरा जा सके। फिलिंग मटेरियल में पानी जाने से मिट्टी फूल गई ये ब्लॉक लहराने लगे। अब तक सामने आई जानकारियों पर सीडीएस इंफ्रा के पास कोई जवाब नहीं है। कंपनी ने गुपचुप तरीके से गलती स्वीकारते हुए अपने खर्च पर बाकी बचा काम मेकाफेरी आरआई वॉल एक्सपर्ट से कराने का भरोसा एनएचएआई अफसरों को दिया है।
किस ठेकेदार से काम कराया पता नहीं
एनएचएआई ने पेटी कांट्रेक्ट की बात सामने आने के बाद सीडीएस इंफ्रा से सवाल किए कि आखिर कौन से स्थानीय ठेकेदारों को प्रोजेक्ट का काम बांटा गया था। प्रोजेक्ट मैनेजर सीडीएस इंफ्रा बलकार सिंह और लाइजनिंग ऑफिसर प्रदीप राय को इन सवालों के जवाब के साथ सोमवार को दोबारा एनएचएआई अरेरा कॉलोनी कार्यालय में पेश होने कहा गया है। अब तक की पूछताछ में सीडीएस इंफ्रा के इंजीनियरों ने केवल कच्चा माल स्थानीय ठेकेदारों से लेने की बात कही है।
इनका कहना है
हमें फाल्ट समझ नहीं आ रहा था इसलिए मेकाफेरी इंफ्रा के एक्सपर्ट को बुलवाया गया है। उन्हें रिटेनिंग वॉल बनाने में बेहतर अनुभव है। एनएचएआई के निर्देशानुसार पूरा स्ट्रक्चर दोबारा बनाया जाएगा। - प्रदीप राय, सीडीएस इंफ्रा
बारिश के बाद शुरू होगा रीकंस्ट्रक्शन
मेकाफेरी इंफ्रास्ट्रक्चर दाता कॉलोनी फ्लाइओवर को दोबारा बनाने का काम बारिश बाद शुरू करेगी। संभवत: सितंबर अंत तक सीडीएस इंफ्रा अपनी मशीनरी से पूरे स्ट्रक्चर को खोलकर खाली प्लॉट मेकाफेरी के हवाले करेगी। मौके पर मेकाफेरी अपने इंजीनियर और मशीनरी सितंबर अंत तक लाकर काम चालू कर सकती है।