saurabh sharma fir बिल्डर सौरभ शर्मा के बड़े राजदार अकूत दौलत का करेंगे खुलासा
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बिल्डर और पूर्व आरटीओ कॉंस्टेबल सौरभ शर्मा की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं।
उसके घर लोकायुक्त और आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा तो करोड़ों की दौलत सामने आ गई। इतना ही नहीं, बिल्डर के करीबी चेतन सिंह गौर के नाम की कार में भी 52 किलो सोना और करोड़ों का कैश मिला। अब सौरभ शर्मा के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए हैं। उसके खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। हर कोई मान रहा है कि अभी तक जो अकूत संपत्ति सामने आई है, उसमें कुछ नेता-नौकरशाहों का भी हिस्सा हो सकता है। ऐसे में पुलिस की निगाह सौरभ शर्मा के उन 4 सबसे भरोसेमंद लोगों पर टिक गई है जोकि उसका हर राज जानते हैं। उनसे पूछताछ करने के लिए पुलिस ने समन जारी कर दिए हैं।
बिल्डर सौरभ शर्मा केस की जांच के लिए टीम गठित की गई है। उसके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन सिंह पर आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसके साथ ही सौरभ शर्मा सहित पांच लोगों को समन जारी किए गए हैं। लोकायुक्त ने आयकर विभाग से कार से जब्त किए गए सोने और नकदी राशि की जानकारी मांगी है।
सौरभ शर्मा को पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वह करीब 8 साल तक प्रदेश के अलग अलग नाकों पर तैनात रहा और इस दौरान अथाह कमाई की। शिकायत हुई तो उसने नौकरी ही छोड़ दी। जांच अधिकारियों के अनुसार सौरभ शर्मा की मां और पत्नी के अलावा चेतन सिंह और शरद जयसवाल उसके सबसे बड़े राजदार हैं। इन्हें उसकी काली कमाई और हिस्सेदार नेता-नौकरशाहों की जानकारी हो सकती है। यही कारण है कि पूछताछ करने के लिए सौरभ सहित पांचों लोगों को सोमवार को समन जारी किए गए।
सौरभ के घर से जमीन में दबाई चांदी की 200 सिल्लियां मिली थीं। उसने अपनी काली कमाई से पत्नी, मां और दोनों सहयोगियों के नाम से कई संपत्तियां खरीदीं।
इधर लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद के अनुसार अभी तक सौरभ शर्मा के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स में उसके दुबई में होने की बात कही जा रही है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए अलग अलग 3 टीमें बनाई गई हैं।
सौरभ शर्मा के घर और कार्यालय में मिले संपत्ति के दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। बैंक खातों की भी संबंधित बैंकों से जानकारी ली जा रही है।