Cancer Treatment Easy in MP: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत, इंदौर, ग्वालियर रीवा के मेडिकल कॉलेजों में लगेगी पीईटी और सीटी स्कैन मशीनें, एमपी पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन ने जारी किए टेंडर,
Cancer Treatment will be easy in MP: कैंसर मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद हमीदिया अस्पताल में पीईटी-सीटी स्कैन मशीन लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ कॉरपोरेशन ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। यह सुविधा शुरू होने से कैंसर की शुरुआती पहचान आसान होगी और इलाज समय पर मिल सकेगा। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) प्रबंधन के अनुसार मशीन को हमीदिया परिसर स्थित कमला नेहरू अस्पताल की बिल्डिंग में स्थापित किया जाएगा। दोनों अस्पताल GMC से संबंध है। बंकर के पास जगह तैयार हो चुकी है। मरीजों की सुविधा के लिए पीईटीसीटी केंद्र और बंदर के बीच अलग लेकिन जुड़े हुए रास्ते बनाए जा रहे हैं।
सिर्फ भोपाल ही नहीं, बल्कि एमपी के इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के मेडिकल कॉलेजों में भी पीईटी-सीटी मशीन लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इंदौर और ग्वालियर में कैंसर मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण प्राथमिकता दी गई है, जबकि जबलपुर और रीवा में भी कैंसर इकाई के विस्तार के तहत यह सुविधा (Cancer Treatment) जोड़ी जा रही है। प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में कैंसर मरीज सामने आते हैं। इस नई सुविधा से करीब डेढ़ लाख मरीजों को सटीक और समय पर जांच का लाभ मिलेगा, जिससे इलाज आसान (Cancer Treatment) और सस्ता हो सकेगा।
यह सुविधा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित होगी। आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों को जांच मुफ्त मिलेगी, जबकि अन्य मरीजों को बाजार से कम दरों पर सुविधा उपलब्ध होगी। शुरुआती अवस्था में पकड़ में आएगा कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार पीईटी-सीटी स्कैन से कैंसर का शुरुआती अवस्था में ही पता लगाया जा सकता है। इससे इलाज की सफलता की संभावना बढ़ जाती है और मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
बता दें कि एमपी के रीवा जिले के संजय गांधी अस्पताल के कैंसर वार्ड में बीते 10 वर्षों में 5116 मरीजों की जांच में कैंसर की पुष्टि हुई है। इनमें से 4885 मरीजों ने अस्पताल के कैंसर वार्ड में भर्ती होकर उपचार कराया, जबकि शेष 231 मरीज अन्य अस्पतालों में इलाज कराने चले गए। आंकड़ा केवल उन मरीजों का है, जो संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में पहुंचे।
डॉ. मार्को के अनुसार, विंध्य क्षेत्र में सबसे अधिक मरीज ओरल कैंसर के हैं। इस प्रकार के कैंसर में पुरुषों के साथ महिलाओं की संख्या भी शामिल है। यह कैंसर मुंख्यत: बीड़ी, गुटखा और तंबाकू के अत्यधिक सेवन से होता है। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य कैंसर जैसे ब्रेस्ट कैंसर, ओवरी कैंसर और सर्वाइकल कैंसर बिगड़ती जीवनशैली के कारण बढ़ रहे हैं। अत्यधिक फास्ट फूड या बाहर के भोजन से मोटापा बढ़ता है, एस्ट्रोजन स्तर में वृद्धि होती है, जो कैंसर का कारण बन सकती है।
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजीत मार्को ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का उपचार लगभग 5 वर्षों तक चलता है और इस दौरान नियमित फॉलोअप भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि मरीज चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करते हुए जीवनशैली अपनाएं और समय-समय पर उपचार लेते रहें, तो कैंसर के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। वर्तमान में वार्ड में कीमोथेरेपी और टारगेट थेरेपी उपलब्ध है।
ऐसे में प्रदेश के लाखों मरीजों को इन मशीनों के लगने से बड़ा फायदा होगा। इन्हें सही समय पर उचित इलाज (Cancer Treatment) मिल सकेगा।