सभी ज़िले क्राइसिस मेनेजमेंट ग्रुप की बैठकें कर जिलावार रणनीति बनाएं।
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आगामी 30 अप्रैल तक प्रचलित गाइडलाइन दरों पर ही रजिस्ट्री होंगी, इस अवधि में कोई दर नहीं बढ़ाई जाएगी। रजिस्ट्री कराने में जल्दबाजी न की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना की रोकथाम एवं उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी ज़िले क्राइसिस मेनेजमेंट ग्रुप की बैठकें कर जिलावार रणनीति बनाएं। हमें हर हालत में कोरोना का संक्रमण रोकना है और जिन जिलों में संक्रमण नहीं है या कम है वहाँ संक्रमण नहीं फैलने देना है।
एक सप्ताह में दोगुने हुए प्रकरण
प्रदेश में गत एक सप्ताह में कोरोना के प्रकरण दोगुने हो गए हैं। एक्टिव प्रकरण 11 हजार 168 हैं। कोरोना की गत एक सप्ताह की औसत पॉजिटिविटी दर 6.3 प्रतिशत है, जो देश की साप्ताहिक औसत दर 4.6 से अधिक है।
इंदौर में सबसे ज़्यादा 612 प्रकरण
कोरोना की जिलेवार समीक्षा में बताया गया कि सर्वाधिक नए प्रकरण इंदौर में 612 हैं। भोपाल में 425, जबलपुर में 156, उज्जैन में 83, रतलाम में 65, ग्वालियर में 63, खरगोन में 60, बैतूल में 54, सागर में 44, बड़वानी में 37, छिंदवाड़ा में 35, नरसिंहपुर 33, शहडोल में 27, बालाघाट में 26 और शाजापुर में 22 नए प्रकरण हैं। शेष ज़िलों में 20 से कम प्रकरण हैं।
अस्पतालों में पूरी तैयारी रखें
कोरोना के अधिकांश मरीज़ होम आइसोलेशन में हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में अस्पतालों में कोरोना के उपचार की श्रेष्ठतम व्यवस्था रखें। आवश्यकता होने पर होम आइसोलेशन से अस्पताल ले जाने की तुरंत व्यवस्था हो।
अर्थ-व्यवस्था को नुकसान पहुँचाए बिना कोरोना नियंत्रण
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पूरा लॉकडाउन अर्थ-व्यवस्था को ध्वस्त और लोगों को बेरोजगार कर देता है। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि अर्थ-व्यवस्था को नुकसान भी न पहुंचे और हम कोरोना के संकट से प्रदेश को सुरक्षित बाहर निकाल पाएं। इसके लिए जो भी आवश्यक उपाय होंगे, किए जाएंगे।