भोपाल

एम्स भोपाल बना पहला NABH अस्पताल, केंद्र सरकार ने जारी किया नया प्रमाण पत्र

Bhopal AIIMS: एम्स भोपाल को केंद्र सरकार ने एनएबीएच प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। यह मान्यता 23 सितंबर 2030 तक मान्य रहेगी और अस्पताल के सभी 1,457 बिस्तरों व विशेषज्ञ सेवाओं को कवर करती है।
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Oct 11, 2026
एम्स भोपाल, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
एम्स भोपाल, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को केंद्र सरकार ने एनएबीएच प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। इसी के साथ ये देश का पहला एम्स बन गया है जहां एनएबीएच की प्रक्रिया को पूरा किया गया है। एमपी में एम्स डायरेक्टर एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) नरेन्द्र कोतवाल ने इस उपलब्धि पर पूरे संस्थान परिवार, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के प्रथम चरण में स्थापित देश के छह एम्स संस्थानों में से एम्स भोपाल यह मान्यता पाने वाला पहला अस्पताल बन गया है। मान्यता 23 सितंबर 2030 तक मान्य रहेगी, जो अस्पताल के सभी 1,457 बिस्तरों और सभी विशेषज्ञता व सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं को कवर करती है। इसी के साथ एम्स में अब विदेशी स्तर की तकनीक के ऑपरेशन संभव हो सकेंगे। नया सेटअप और ओटी बनाने के प्रस्ताव मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर चुके है।

एम्स भोपाल में ये हैं सुविधाएं

एम्स में अभी चौबीसों घंटे आपातकालीन और ट्रामा केयर की सुविधा उपलब्ध है। हृदय, फेफड़े, कैंसर, न्यूरोलॉजी और अन्य विभागों में इलाज उपलब्ध है। 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर सहित एनेस्थीसिया मशीनों और आईसीयू है। कैंसर रोगियों के सटीक इलाज के लिए लीनियर एक्सेलेरेटर और रेडियोथेरेपी/रक्त विकिरण की सुविधा भी उपलब्ध है। एलोपैथी के साथ-साथ धनवंतरी भवन में आयुर्वेद और यूनानी पद्धति से पंचकर्म इलाज की सुविधा मिलती है। वाट्सऐप के माध्यम से ओपीडी अपॉइंटमेंट, जांच रिपोर्ट डाउनलोड, डिस्चार्ज समरी और जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने की डिजिटल सुविधा मरीजों के लिए की गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्पेज इंडिया सहायता केंद्र, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और फ्लोर डायरेक्टरी की सुविधा मिल रही है।

जानिए क्या होता है एनएबीएच

बीते कुछ सालों पहले सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के लिए एनएबीएच से मान्यता लेने के लिए अनिवार्य किया गया था। इसके आवेदन के बाद एनएबीएच की टीम अस्पतालों में आती है और पूरी तरह से निरीक्षण करती है। जिसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाती है। उसका उद्देश्य है कि मरीजों को सरकारी योजनाओं के तहत अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके। एनएबीएच क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्ध एनएबीएच देशभर के अस्पतालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मान्यता प्रदान करता है। हेल्थ इंडस्ट्री में गुणवत्ता के लिए उच्च मापदंड तैयार करने और आम लोगों को इसका फायदा पहुंचाना ही बोर्ड का उद्देश्य है।

Updated on:
11 Oct 2026 07:34 am
Published on:
11 Oct 2026 07:34 am