Chhatarpur Kotwali case Chhatarpur police stone pelting case आरोपियों को जिला बदर किए जाने की तैयारी की जा रही है वहीं उनके अवैध निर्माण ढहाने की भी पूरी तैयारी हो चुकी है।
Chhatarpur Kotwali case Chhatarpur police stone pelting case Shahzad Ali छतरपुर में पुलिस थाने पर पथराव करनेवाले पत्थरबाजों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है। पुलिस अब तक इस वारदात में शामिल 30 आरोपियों को पकड़ चुकी है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी के इस मामले में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह पूर्व नियोजित हमला था! हमले के लिए फंडिग और बाहरी उपद्रवियों की पहचान की कोशिश भी पुलिस कर रही है। आरोपियों को जिला बदर किए जाने की तैयारी की जा रही है वहीं उनके अवैध निर्माण ढहाने की भी पूरी तैयारी हो चुकी है।
पुलिस पर पथराव मामले में कुल 46 नामजद आरोपी हैं। इनमें से 30 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें अन्य आरोपियों को पकडऩे के लिए साइबर पुलिस की मदद ले रही है। पथराव केस में पुलिस साक्ष्य जुटाने में भी लगी है।
पुलिस अधीक्षक अगम जैन के अनुसार उपद्रव में शामिल पत्थरबाजोें की वीडियो से पहचान की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि कर आरोपी बनाया जा रहा है। आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों को जिला बदर किया जाएगा।
मुख्य आरोपी शहजाद अली का खासा आपराधिक रिकॉर्ड है। उसपर कोतवाली व सिविल लाइन में सात केस दर्ज हैं जिनमें हत्या का प्रयास जैसा गंभीर मामला भी है। पता चला है कि शहजाद और उसके परिजनों का करीब 29 करोड़ की कीमत वाली जमीनों पर कब्जा है।
पत्थर बाजी मामले में मास्टरमाइंड शहजाद अली की आलीशान इमारत ढहा दी गई है। अब अन्य आरोपियों की बारी है।
पुलिस जहां एक ओर आरोपियों की तलाश कर रही है वहीं दूसरी ओर उनके पुराने आपराधिक रिकार्ड भी खंगाल रही है।
इधर जिला प्रशासन के निर्देश पर तहसीलदार और नगर पालिका अधिकारी आरोपियों के अवैध निर्माण तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे आरोपियों की सूची बना ली गई है और उन्हें जारी करने के लिए नोटिस भी तैयार कर लिए गए हैं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए मकान, दुकानों को ढहाने की पूरी तैयारी है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शहजाद अली के भाई फय्याल अली का महल के पास लोक निर्माण विभाग के शासकीय भवन पर अवैध कब्जा है। तीन साल पहले उसे अवैध कब्जा हटाने का नोटिस भी दिया था लेकिन वह हटा नहीं। प्रशासन ने अब अली को दोबारा नोटिस देते हुए तीन दिन में अवैध कब्जा हटाने को कहा है। इसके बाद जिला प्रशासन खुद कब्जा हटाएगा।