Cotton industry - मध्यप्रदेश में कपास और रेशम उत्पादक किसानों की तकदीर बदलने जा रही है। प्रदेश के धार में पीएम मित्रा पार्क स्थापित किया जा रहा है जिससे किसानों को कपास की बेहतर कीमत मिलेगी।
Cotton industry - मध्यप्रदेश में कपास और रेशम उत्पादक किसानों की तकदीर बदलने जा रही है। प्रदेश के धार में पीएम मित्रा पार्क स्थापित किया जा रहा है जिससे किसानों को कपास की बेहतर कीमत मिलेगी। पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। 90 से ज्यादा कंपनियों को जमीन आवंटित भी कर दी गई है। इससे पीएम मित्रा पार्क में बड़ी कॉटन इंडस्ट्री विकसित होगी। कपास से धागा बनाया जाएगा और फिर कपड़े तैयार किए जाएंगे। पार्क के शिलान्यास के साथ ही कंपनियां भी सक्रिय हो जाएंगी और एक से डेढ़ साल में कपड़ों का उत्पादन शुरु हो जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को देर रात मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। यहां उन्होंने बताया कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मैटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी।
पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की कॉटन इंडस्ट्री को पुनर्स्थापित करेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स, होजियरी आइटम्स सहित ऑल वेदर वियरिंग्स तैयार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल पार्क (पीएम मित्रा पार्क) में भूमिपूजन होने से पहले ही लैंड एलॉटमेंट की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन के लिए 114 कंपनियों के आवेदन मिले थे। इन कंपनियों ने पार्क में निवेश करने की प्रबल रुचि व्यक्त कर लैंड अलॉटमेंट के लिए के लिए आवेदन किया। इनमें से 91 कंपनियों के आवेदन मंजूर कर इन्हें लैंड एलॉटमेंट कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क में लैंड अलॉटमेंट कमेटी द्वारा विभिन्न कंपनियों और निर्माण इकाइयों को कुल 1294.19 एकड़ भूमि आवंटित करने की अनुशंसा कर दी गई है। पार्क में अधोसंरचना विकास के लिए सभी जरूरी निर्माण कार्य जारी हैं। इन निर्माण कार्यों के साथ लैंड अलॉटमेंट पाने वाली कंपनियों द्वारा अपने कारखाने और निर्माण इकाइयां भी समानांतर रूप से निर्मित की जाएंगी। इससे आने वाले एक से डेढ़ साल के अंदर ही निवेशक कंपनियों की निर्माण इकाइयों में उत्पादन भी प्रारंभ हो जाएगा।