इस बार बाजी पलट सकते हैं ये 42 लाख वोटर, बदल सकती है सरकार
भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 इस बार बड़े दिलचस्प होने वाले हैं। क्योंकि 29 में से 26 सीटों पर कब्जा जमाए बैठी भाजपा को मध्यप्रदेश के 42 लाख लोग झटका दे सकते हैं।
बुजुर्गों के लिए कई योजनाएं देने के बावजूद सत्ता से बाहर हुई भाजपा को इस लोकसभा चुनाव में भी झटका लग सकता है। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने भी बुजुर्गों की पेंशन दोगुनी करके माहौल अपने पक्ष में करने की कोशिश की है। कमलनाथ सरकार ने इन बुजुर्गों की पेंशन 300 से बढ़ाकर 600 कर दी है। इससे उत्साहित कमलनाथ सरकार को उम्मीद है कि ये 42 लाख पेंशनर्स कांग्रेस के पक्ष में वोट करेंगे। यदि ऐसा हुआ तो 29 में से 26 सीटें हासिल करके बैठी भाजपा की मुश्किलें बढ़ जाएगी।
लोकसभा चुनाव में इस बार मध्यप्रदेश के 42 लाख पेंशनर्स निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए कमलनाथ सरकार ने भी अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। क्योंकि कमलनाथ सरकार ने 42 लाख निराश्रित पेंशनभोगियों के लिए 300 से बढ़ाकर 600 रुपए पेंशन कर दी है।
अब सामाजिक न्याय विभाग ने चुनाव की घोषणा के ऐन मौके पर ब्लाक वार हितग्राही सम्मेलन का आयोजन तेज कर दिया है। 8 मार्च तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में ग्राम सेवक से लेकर कलेक्टर तक हितग्राहियों को सरकार का वचन याद दिलाया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि कमलनाथ सरकार ने उनकी पेंशन दोगुनी कर दी है। इसके आदेश की प्रतियां भी बांटी जा रही है।
पेंशन बनेगी चुनावी हथियार
कमलनाथ सरकार इस पेंशन योजना को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर सकती है। क्योंकि कमलनाथ सरकार जिलों में शिविरों के जरिए हितग्राही तक इसकी जानकारी पहुंचा रही है। कलेक्टरों से भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी जा रही है। कई कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों की रिपोर्ट भी दे दी है।
यह भी है खास
मध्यप्रदेश सरकार की निराश्रित पेंशन के नाम पर सरकार लगभग 1500 करोड़ वार्षिक व्यय करती है। अब बढ़ी हुई पेंशन से बजट 2700 करोड़ तक पहुंच जाएगा। हितग्राहियों को अगले माह से 600 रुपए पेंशन मिलने लगेगी।
शिकायतों का भी निपटारा
चुनाव से पहले मंत्रियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे पेंशनधारियों की कोई भी शिकायतों को जल्द से जल्द सुलझाएं। उन्हें सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।