
Garud' Portal
Garud Portal- एमपी में सीवेज ट्रीटमेंट की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब इसकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की केंद्रीकृत रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। यह काम "गरुड़ पोर्टल" के माध्यम से किया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) द्वारा राज्य में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में यह अत्यंत महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के संचार के साथ संचालन की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। केंद्रीकृत रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से सीवेज प्रबंधन की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा और समय पर निर्णय लेने में भी सुविधा होगी।
नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने इस संबंध में अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग के अंतर्गत संचालित कुल 42 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में अत्याधुनिक एससीएडीए' (Supervisory Control and Data Acquisition - SCADA) सह 'ओसीईएमएस' (Online Continuous Effluent Monitoring System - OCEMS) प्रणाली को सफलतापूर्वक स्थापित व लागू कर दिया गया है।
एमपी में अपनी तरह की यह प्रथम केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली है, जो वास्तविक समय में डेटा ट्रैकिंग के साथ-साथ उत्कृष्ट परिचालन निरीक्षण एवं त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया को अत्यंत सशक्त बनाती है। इस युगांतरकारी व नवाचारपूर्ण पहल से राज्य में पर्यावरण संरक्षण, जल गुणवत्ता के संवर्धन एवं नगरीय स्वच्छता के संकल्प को अभूतपूर्व मजबूती मिलने की अपेक्षा है।
बता दें कि पूर्व में इन संयंत्रों से प्राप्त होने वाला डेटा केवल संबंधित एसटीपी परिसर तक ही सीमित रहता था, जिसके कारण संपूर्ण व्यवस्था की समग्र निगरानी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई प्रणाली के क्रियान्वयन से अब बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD), केमिकल ऑक्सीजन डिमांड सीओडी (COD), पीएच (pH) एवं टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (TSS) जैसे सभी प्रमुख जल गुणवत्ता मापदंडों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इन सभी तकनीकी पैमानों की निगरानी अब यूएडीडी (UADD) कार्यालय के 'गरुड़ पोर्टल' के माध्यम से केंद्रीकृत रूप में की जा रही है। इसके फलस्वरूप सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के प्रदर्शन पर अनवरत एवं प्रभावी दृष्टि रखी जा सकेगी।
प्रदेश में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत करीब 52 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) संचालित हैं, जिनमें यह उन्नत एससीएडीए एवं ओसीईएमएस प्रणाली कार्यरत है। विभाग द्वारा शेष 12 एसटीपी का डेटा भी 30 अप्रैल 2026 तक गरुड़ पोर्टल पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे राज्य के सभी प्रमुख एसटीपी एक ही डिजिटल पटल पर पूर्णतः एकीकृत हो सकेंगे।
Published on:
04 May 2026 05:05 pm
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