
MP News :मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 अक्टूबर को राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग के अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का सीएम ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए 200 नए सांदीपनि विद्यालय भवन मंजूर किए जाते हैं। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत 200 सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण होगा। साथ ही, स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत भी 200 नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में 950 से अधिक पात्र लोगों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी दिए।
कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि, शासकीय नौकरी करते हुए किसी के असमय दुनिया से चले जाना बड़ा कष्टकारी समय होता है। परिवार सदस्य की कमी और उसके माध्यम से आय में रुकावट भी आती है। ये एक तरह से परिवार के ऊपर दुखों के पहाड़ की तरह है। मुश्किल हालात में ये परिवार राज्य सरकार के लिए एक परिवार की तरह है। सीएम ने कहा कि, जीवन में जन्म और मृत्यु नियति है, जिसे कोई नहीं रोक सकता। स्कूल शिक्षा विभाग आज 954 अधिकारी-कर्मचारियों को अनुकम्पा नियुक्ति देने के साथ उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी ने कहा है कि, यही समय है, जब हम व्यवस्थाओं और भावनाओं का तालमेल करते हुए अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन करें।
सीएम ने कहा कि, जो आज दुनिया से चले गए, उनका हमें दुख है, लेकिन सरकार ने त्यौहारों के मौसम में अनुकंपा नियुक्ति के काम को प्राथमिकता दी। परिवार में आर्थिक रूप से सुख संपन्नता हो, तभी खुशी से त्यौहार मनता है। हम अपनी जिम्मेदारियों को शब्दों की वेदी पर नहीं चढ़ा सकते, इसमें फैसलो की प्रतिबद्धता होनी चाहिए। आज जिन्हें नियुक्ति दी गई, उनमें 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि, शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को ठीक से निभाएंगे।
सीएम के अनुसार, स्कूल शिक्षा व्यवस्था में शासकीय सांदीपनि विद्यालय एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाए हैं। प्रदेश में साल 2002-03 तक स्कूल शिक्षा का बजट 400 करोड़ के अंदर होता था, लेकिन हमारी सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते ये बजट 38 हजार करोड़ तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि, स्कूलों में अधोसंरचना, आधुनिक लैब, खेल गतिविधियां समेत उच्च गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा विभाग हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में 369 विद्यालय भवनों का निर्माण एवं लोकार्पण किया गया है। इसके साथ ही आज 200 नए विद्यालय भवनों को भी मंजूरी दी गई है।
वहीं, जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत भी 200 सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण होंगे। सीएम यादव ने कहा कि, अनुकम्पा नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थी भी भविष्य में निकलने वाली शासकीय भर्तियों में शामिल हो सकते हैं। राज्य सरकार ने अब तक 85 हजार से ज्यादा शासकीय पदों पर युवाओं को नौकरी दी है। इनमें 15 हजार पद स्कूल शिक्षा के थे, अब 20 हजार पदों पर नए सिरे से भर्ती शुरू होगी। प्रदेशभर में 1 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है, इससे विभागों में पद रिक्त हुए, जिन्हें भरने की प्रक्रिया जारी है। अभी अनुकम्पा नियुक्ति के 350 पद शेष है, साल के अंत तक इन पर नियुक्ति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए हर साल डीपीसी की प्रक्रिया जारी रहेगी। सीएम ने कहा, स्कूल से पढ़ाई कर निकलने वाले बच्चों को नीट की तैयारी के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्रों को 1 लाख 35 हजार से ज्यादा लैपटॉप दे चुकी है। बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल टॉपर बच्चों को स्कूटी की सौगात भी मिली है। कई बच्चों ऐसे भी हैं, जिन्हें लैपटॉप और स्कूटी दोनों ही पुरस्कार के तौर पर मिली है।
इस दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि, सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार रोजाना श्रेष्ठ कार्य करने के प्रयास में जुटी है। आज स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत 950 से अधिक कर्मचारियों के असमय निधन के बाद उनके योग्य परिवारजन को अनुकंपा नियुक्ति मिली है। इनमें 655 सहायक ग्रेड-3, 26 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। लेकिन, जब पदोन्नति का रास्ता खुला तो विभागों में पद रिक्त हुए। ये अनुकम्पा नियुक्ति एक प्रकार से आपके परिजन के आशीर्वाद की तरह है, जो अब इस दुनिया में नहीं है।
उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य भर्ती, पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति को प्राथमिकता देते हैं। प्रदेश में शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ भी मिला है। नई भर्तियों के साथ सालों से लंबित शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने का काम किया है। पिछले 3 महीने में 1500 से अधिक पेंशन प्रकरणों का निराकरण हुआ है।