CM Mohan Yadav Father Punamchand Yadav Death News डॉ. मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव ने कठिन संघर्ष कर अपने परिवार का भरण पोषण किया।
CM Mohan Yadav Father Punamchand Yadav Death News मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Mohan Yadav के पिता पूनमचंद यादव Punamchand Yadav का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। पिता के निधन की सूचना मिलने के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन के लिए रवाना हो गए। डॉ. मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव Punamchand Yadav ने कठिन संघर्ष कर अपने परिवार का भरण पोषण किया। जब मोहन यादव बड़े हुए तो उन्होंने भी पिता के साथ कमाई करना शुरु कर घर की आर्थिक स्थिति संभाली।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पिता CM Mohan Yadav Father पूनमचंद यादव Punamchand Yadav की दोपहर में ही हालत नाजुक हो गई थी। उनके निधन की पुष्टि देर शाम को की गई। मंत्रालय में केबिनेट की बैठक के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री के पिता CM Mohan Yadav Father पूनमचंद यादव बेहद संघर्षशील व्यक्तित्व थे। यादव समाज के उनके पुराने साथी बताते हैं कि वे मूलत: रतलाम के थे लेकिन बाद में उज्जैन आकर बस गए। यहां उन्होंने हीरा मिल में नौकरी की पर वेतन बहुत कम था। ऐसे में सीएम डॉ. मोहन यादव और उनके भाई बहनों का बचपन बेहद साधारण परिस्थितियों में गुजरा।
सीएम के पिता CM Mohan Yadav Father पूनमचंद यादव की कमाई कम थी लेकिन परिवार की जरूरतें ज्यादा थीं। हाल ये था कि उनके पास बच्चों की स्कूल की फीस देने के भी पैसे नहीं रहते थे। मोहन यादव की पढ़ाई का खर्च तो उनके एक टीचर उठाते थे।
मिल की मामूली तनख्वाह की नौकरी से जब काम नहीं बना तो डॉ. मोहन यादव के पिता ने भजिए बेचने शुरु कर दिए।
परिवार का खर्च चलाने और बच्चों की फीस भरने के लिए पिता के साथ उनके चाचा ने भी मालीपुर इलाके में दुकान खोलकर चाय-पोहे और भजिए बेचे। यहां डॉ. मोहन यादव भी पिता का हाथ बंटाने आते थे और चाय-पोहा-भजिए बेचते थे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव जब भी अपने पैतृक निवास पर जाते थे तो अपने पिता से आशीर्वाद स्वरूप कुछ पैसे भी लेते थे। फादर्स डे पर भी उन्होंने अपने पिता CM Mohan Yadav Father का आशीर्वाद लेने के बाद उनसे पैसे मांगे तो पिता ने 500 रुपए के नोटों की गड्डी निकालकर उनके हाथों में थमा दी थी। इस पर सीएम मोहन यादव ने एक नोट रखा और पूरी गड्डी लौटा दी।