CM Mohan Yadav- वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व
CM Mohan Yadav - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 25 मार्च को जन्मदिन है। उनके 62वें जन्म दिवस पर प्रदेशभर के राजनेता, परिचित, मित्र, पार्टी कार्यकर्ता और आमजन शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे हैं। इधर जन्मदिन पर बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बेहद व्यस्त कार्यक्रम है। वे आज वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व जाएंगे। यहां वे कछुए रिलीज करेंगे। सीएम मोहन यादव चीतों के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। उनके कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन सुबह से ही अलर्ट मोड में है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बुधवार 25 मार्च को बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम के दौरान टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी होगा।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो प्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिए हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वां और भारत का 54वां टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेड़ियों की भूमि माना जाता है। यहां पर सर्वाधिक भेड़िये पाए जाते हैं।
टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहा बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़िया की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं।
टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिनमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के साथ रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।