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एमपी से 5000 साल से जुड़े मथुरा-वृंदावन-गोकुल क्षेत्र

CM Mohan Yadav- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वृंदावन में, जीवनदीप आश्रम लोकार्पण कार्यक्रम को किया संबोधित

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Mathura-Vrindavan-Gokul Region Connected to MP for 5000 Years

Mathura-Vrindavan-Gokul Region Connected to MP for 5000 Years

CM Mohan Yadav- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश से मथुरा-वृंदावन-गोकुल क्षेत्र का 5000 वर्ष से जीवंत संपर्क रहा है। भगवान श्रीकृष्ण बृज में पराक्रम करने के बाद शिक्षा ग्रहण करने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए थे। इस नाते विश्व के सम्मुख भगवान श्रीकृष्ण का जो विराट व्यक्तित्व आया उसमें उज्जयिनी का योगदान रहा। मथुरा-गोकुल के समान मध्यप्रदेश भी सनातन के विचार को बनाए रखने और उसके विस्तार में योगदान देता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वृंदावन में जीवनदीप आश्रम के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, श्रीपंचदस नाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर जीवनदीप पीठाधीश्वर स्वामी यतींद्र आनंद गिरि, महामंडलेश्वर अवधेशानंद, साध्वी ऋतंभरा सहित अनेक संत तथा बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ बालकों द्वारा प्रस्तुत हनुमान चालीसा के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृंदावन में जीवनदीप आश्रम लोकार्पण समारोह में "सनातन धर्म और जीवन दर्शन" पुस्तक का विमोचन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जयिनी में वर्तमान में सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारियां जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीवनदीप आश्रम के लोकार्पण में आए समस्त संतों को सिंहस्थ-2028 के लिए आमंत्रित करते हुए उनसे उज्जैन पधारने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी यतींद्र आनंद गिरि की आध्यात्मिक यात्रा और समाज के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।

संघ प्रमुख डॉ. भागवत ने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई देशों की व्यवस्था लड़खड़ा रही

संघ प्रमुख डॉ. भागवत ने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई देशों की व्यवस्था लड़खड़ा रही है। सनातन धर्म-संस्कृति की ध्वजा कई विपरीत परिस्थितियों को झेलने के बाद भी पूर्ण गरिमा के साथ लहरा रही है। इसमें हमारे आश्रमों और संतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने प्रदेश के बड़वानी जिले में भारती ताई द्वारा गरीब बच्चों के लिए संचालित विद्यालय की सराहना की। पद्मभूषण से सम्मानित साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि जीवनदीप आश्रम से वृंदावन की भव्यता में और वृद्धि होगी। संसार में विद्यमान बाधाओं से बढ़कर हमारी मन की आंतरिक बधाएं होती हैं, जो किसी कार्य को पूर्ण होने से रोकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम लक्ष्य प्राप्ति के लिए मनसा वाचा कर्मणा, शत-प्रतिशत प्रयास करें तो दुनिया की कोई भी शक्ति हमें अपने ध्येय की प्राप्ति से रोक नहीं सकती।

बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ज्ञान की धारा प्रवाहमान है। भविष्य में जीवन दीप आश्रम, ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन का बड़ा केंद्र बनेगा। हमारे संतजन जनकल्याण के कार्य को समर्पित है।