सीएम शिवराज ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर लगाया ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रोकने का आरोप, शिवसेना सांसद ने दी सफाई।
भोपाल/ दोनों राज्यों में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच मध्य प्रदेश की शिवराज और महाराष्ट्र उद्धव सरकार के बीच ऑक्सीजन को लेकर कंसंट्रेटर वॉर शुरू हो गया है। तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के चलते ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को उद्धव सरकार पर आरोप लगाते हुए कि, ये लोग एमपी के लिये आने वाले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों को रोकने का प्रयास कर रही हैं।
शिवराज के आरोप
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि, मध्य प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों का ऑर्डर दिया था, लेकिन महाराष्ट्र सरकार की ओर से निर्माता कंपनियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि, मध्य प्रदेश की सप्लाई रोककर पहले महाराष्ट्र के लिये आपूर्ति करें।
शिवसेना का जवाब
मुख्यमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए शिवसेना सांसद और प्रवक्ता अरविंद सावंत ने कहा कि, हम (महाराष्ट्र सरकार) ये पाप नहीं करते। उद्धव ठाकरे सरकार 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत पर चलने पर विश्वास रखती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सावंत ने सफाई देते हुए ये भी कहा- महाराष्ट्र सरकार किसी की थाली छीनकर खुद के लिए नहीं मांगती। महाराष्ट्र को उसके हक की चीजें ही नहीं मिल रही, ऐसे में दूसरों से छीनकर लेने की बात कहां से आ गई।
आपात स्थिति के लिये मशीनें रिजर्व कर रही सरकार
महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाने से पहले सीएम शिवराज ने बताया कि, प्रदेश में 2 हजार ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर मशीनों की पहली खेप आ चुकी है। दूसरी खेप में 650 मशीनों की और आनी है। इसके अलावा, प्रदेश के अलग अलग जिलों के लिये करीब 1300 मशीनें पहले ही खरीदी जा चुकी हैं। सीएम ने कहा कि, इन मशीनों को आपात स्थिति से निपटने के लिए खरीदा जा रहा है।
पहली बार सरकार ने मंगाई थी 40 मशीनें
बता दें कि, कोरोना की पहली लहर में मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल सितंबर माह में भोपाल के हमीदिया अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए 40 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर मशीन लगाई थी। इन मशीनों से कोरोना के गंभीर मरीजों को सीधे हवा दी जाती है, जिससे उनके शरीर में ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल नियमित बना रहे। बता दें कि, इस एक मशीन का इस्तेमाल अधिकतम दो मरीजों तक के लिये किया जा सकता है।
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