भोपाल

mp election 2018: साले-साहब को हराने मैदान में उतरे जीजाजी, कहा- धोखेबाज है कांग्रेस

mp election 2018: साले-साहब को हराने मैदान में उतरे जीजाजी, कहा- धोखेबाज है कांग्रेस
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Nov 21, 2018
cm shivraj singh chauhan
cm shivraj singh sanjay singh masani waraseoni mp election 2018 news

भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनाव का रोमांच चरम पर पहुंच गया है। ऐसे में रिश्तेदारों की लड़ाई भी चुनाव में दिखने लगी है। भाजपा की तरफ से जीजा और कांग्रेस की तरफ से साले-साहब भी मैदान में हैं। अपनी पत्नी के भाई को हराने के लिए जीजा को प्रचार में कूदना पड़ा है।

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की वारासिवनी विधानसभा सीट पर यह रोचक मामला देखने को मिल रहा है। यहां कांग्रेस के संजय सिंह मसानी हाल ही में भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं और वे चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि संजय सिंह मसानी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के भाई हैं। संजय सिंह को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था तो वे भाजपा और मुख्यमंत्री के परिवार पर अनेक आरोप लगाते हुए कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

शिवराज ने कहा धोखेबाज है कांग्रेस
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को वारासिवनी में भाजपा के पक्ष में वोट मांगे। उन्होंने कांग्रेस के विज्ञापन का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में हमें जर्जर सड़कें मिली, हमने कई लाख किलोमीटर सड़कें बना दी तो कांग्रेस को गुस्सा आता है। कांग्रेस के राज में दो तीन घंटे ही बिजली आती थी। हमने 24 घंटे बिजली दे दी तो कांग्रेस को गुस्सा आता है। हमने महिलाओं, बच्चों और बेरोजगारों को रोजगार दिया तो कांग्रेस को गुस्सा आता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक के बाद एक अपनी योजनाएं भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ झांसा देती है कोई काम नहीं करती है। उन्होंने कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी करार दिया।

कांग्रेस ने बताया था संजय को दलाल
हाल ही में टिकट वितरण से नाराज संजय सिंह मसानी ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली। उन्हें कांग्रेस ने वारासिवनी से टिकट भी दिया है। वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के रिश्ते के भाई हैं। संजय सिंह के बारे में बताया जाता है कि वे शिवराज सिंह के साथ थे, तब कांग्रेस पार्टी संजय सिंह को कई बार दलाल कह चुकी है। हालांकि कांग्रेस संजय सिंह को अपनी पार्टी लेकर बड़ी उपलब्धि मान रही है।

संजय पर ये लगाए थे आरोप
जब संजय सिंह भाजपा में थे तब कांग्रेस कई बार उन पर आरोप लगा चुकी है। कांग्रेस ने तो उनके खिलाफ जांच तक की मांग कर डाली थी।

यह भी है खास
बताया जाता है कि संजय वारासिवनी से टिकट मांग रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री भी नहीं चाहते थे कि उन्हें टिकट मिले। सूत्रों के मुताबिक कुछ सालों पहले इनके बीच वित्तीय लेनदेन को लेकर मतभेद हो चुके हैं। तब मसानी की बहन कोकिला (साधना सिंह) के दखल के बाद मामला शांत हुआ था।

-जब शिवराज सांसद थे और वे साउथ एवेन्यू में रहते थे, उस वक्त मसानी के पास केवल दो टैक्सी थीं। वे बीजेपी के पूर्व महासचिव और केंद्रीय मंत्री प्रमोद महाजन के ड्राइवर के साथ काम करते थे, जिसके पास 8-10 टैक्सी थी। इसके बाद महाजन के करीबी विवेक मोइत्रा के साथ मसानी की नजदीकियां बढ़ गईं। इस प्रकार संजय ने राजनीति में पहचान बढ़ाना शुरू कर दी।

-यह भी माना जाता है कि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार में संजय का दखल बढ़ गया था।

-सूत्र यह भी बताते हैं कि रेत और बॉक्साइट के खनन के कारण वे चर्चा में आए। इसके बाद संजय ने फिल्मों में भी अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन छोटे-मोटे रोल ही मिल सके।

Updated on:
22 Nov 2018 11:17 am
Published on:
21 Nov 2018 05:41 pm