kamal nath big statement- कमलनाथ के बंगले पर बैठक खत्म, कमलनाथ के समर्थकों का दावा- कमलनाथ कहीं नहीं जाएंगे...।
देश की राजनीति में आए उफान के बाद सोमवार को उस समय विराम लग गया, जब कमलनाथ ने खुद कह दिया कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं। उन्हें अभी बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। कमलनाथ के बेहद करीबी पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इसकी पुष्टि की है। कमलनाथ के नाराज होने के सवाल पर सज्जन ने कहा कि कमलनाथ खुद हाईकमान है, वे किससे नाराज हो सकते हैं।
पिछले कुछ दिनों से चल रही पूर्व सीएम कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की अटकलों को सोमवार को दोपहर में विराम लग गया। कमलनाथ के बंगले पर चली डेढ़ घंटे की बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कमलनाथ और नकुलनाथ भाजपा में नहीं जाएंगे। कमलनाथ के करीबी सज्जन सिंह वर्मा ने बाहर आकर मीडिया से कहा कि बैठक में भी ऐसा कुछ नहीं है। बैठक में आने वाले लोकसभा की 29 सीटों पर कैसे जीत हो, इस पर चर्चा हुई। इसके अलावा राहुल गांधीजी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर भी चर्चा हुई। राहुल गांधी की यात्रा मध्यप्रदेश आ रही है। इस दौरान दतिया और रतलाम के पास आदिवासी क्षेत्र में सभा करने पर चर्चा हुई। भाजपा में नकुलनाथ के जाने के सवाल पर सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि नकुलनाथ भी कहीं नहीं जा रहे हैं, वे छिंदवाड़ा से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। सज्जन से जब कमलनाथ के प्रेस कांफ्रेंस करने को सवाल किया तो सज्जन ने कहा कि वे प्रेस कांफ्रेंस नहीं करेंगे। क्योंकि ऐसा कुछ नहीं है, उन्हें जवाब देना पड़े।
इससे पहले अन्य समर्थकों ने भी बैठक का हाल मीडिया को बताया। एक समर्थक मनोज मालवे ने कहा कि कमलनाथ ने कहा है कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं और उन्हें अभी भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। कमलनाथ का यह बयान थोड़ी देर पहले उनके बंगले में हुई बैठक में लिया गया। कमलनाथ के समर्थकों ने भी बंगले के बाहर निकले समय दावा किया कि कमलनाथ कहीं नहीं जा रहे हैं। और उन्होंने कहा है कि अभी उन्हें भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। बताया जाता है कि कुछ समय पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कमलनाथ से चर्चा की थी, संभवतः इसके बाद माना जा रहा है कि उन्होंने अपना फैसला बदल लिया।
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कैसे छोड़ सकते हैं कांग्रेस
कमलनाथ के करीबी नेता मनोज मालवे ने कहा कि उन्होंने पूरा जीवन भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, अब वे और उनके बेटे नकुलनाथ अचानक कांग्रेस कैसे छोड़ सकते हैं। नकुलनाथ के भाजपा में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब कमलनाथ नहीं जाएंगे तो नकुलनाथ कैसे जा सकते हैं।
सोनिया और राहुल गांधी से बात का असर
इधर, भाजपा में जाने की खबरों के बीच कांग्रेस आलाकमान ने भी सक्रियता दिखाई और कमलनाथ को मनाने की कोशिश की। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कमलनाथ से बात की। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं से बात करने के बाद कमलनाथ ने भाजपा में जाने का मन बदल दिया। इन सबके पीछे यह बात सामने आ रही है कि कई बड़े पदों पर रहने वाले कमलनाथ को पार्टी में तवज्जो नहीं मिल रही थी। इस बारे में कमलनाथ की ओर से सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी बता दिया गया है।
भाजपा ने भी नहीं दिखाई रुचि
खबर यह भी है कि भाजपा ने भी कमलनाथ को भाजपा में शामिल करने को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई। भाजपा कहीं न कही कमलनाथ को लेने से कतरा रही थी। क्यों कमलनाथ के ऊपर 1984 के सिख दंगों के आरोप है। यदि कमलनाथ को भाजपा में शामिल कराया जाता तो भाजपा के सिख वोटर नाराज हो सकते हैं।