माइक पर बोलते हुए भावुक...
भोपाल। अरुण तिवारी की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश में जैसे तैसे कर कांग्रेस की सरकार तो बन गई, लेकिन अब तक कांग्रेस में एकता की कमी साफ दिखाई दे रही है। इसके बावजूद कांग्रेस लोकसभा में अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त दिखाने की कोशिशों में जुटी हुई है।
कांग्रेस के अंदर बनी खाई का एक ऐसा ही रूप आज उस समय देखने को मिला जब प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया की आंखोें से आंसू छलक आए। यहां वे यह तक कह गए कि प्रदेश में मेरा बहुत अपमान हुआ है। मन करता है कि वापस गुजरात चला जाउं।
ये है मामला...
दरअसल कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग का पदाधिकारी, प्रतिनिधि कार्यकर्ता सम्मेलन हो रहा था, इसी दौरान सम्मेलन में माइक पर बोलते हुए भावुक हो गए। यहां दीपक बाबरिया ने कहा कि प्रदेश में मेरा बहुत अपमान हुआ है, दिल करता हूं वापस गुजरात चला जाऊं।
लेकिन राहुल जी ने लोकसभा तक कि जिम्मेदारी सौंपी है, इसलिए यहां हूं।
उन्होंने कहा कि मैंने राहुल गांधी को भी अपना इस्तीफा भी सौंप दिया था। जानकारी के अनुसार बाबरिया का ये दर्द इसलिए सामने आया क्योंकि विदिशा विधायक शशांक भार्गव ने चार सीटें हरवाने के आरोप उन पर लगाए थे।
इसके अलावा इंदौर के नेताओं ने भी पैसे लेकर सीट बेचने के आरोप उन पर लगाए थे। यह सब बोलते बोलते बाबरिया की आंखें तक भर आईं।
बाबरिया की इस हालत को लेकर प्रदेश में कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गए है। वहीं जानकारों का कहना है कि दीपक बाबरिया के ये आंसू साफ जाहिर करते हैं कि कांग्रेस में आपसी खाई कितनी बड़ी है।
ऐसा लगता है कि आपसी क्षत्रपों की लड़ाई के चलते बाबरिया इस स्थिति में पहुंच गए हैं। जहां या तो उनकी कोई सुनता नहीं है या उन्हें पूर्व में जैसा हुआ था धक्के मार कर अपमानित किया जाता है।
वहीं सूत्रों का कहना है कि जब वे इस संबंध में शिकायत करते हैं तो हां देखते हैं कह कर उन्हें केवल तस्ल्ली दे दी जाती है। जबकि कार्रवाई के नाम पर ज्यादा कुछ होता नहीं है और नेता अपने लोगों को बचा लेते हैं।