भोपाल

MP की इन 13 सीटों पर 15 साल से भाजपा का कब्जा, अब कांग्रेस अपना रही है ये नया दांव!

इन सीटों पर बदलती रहती है सियासत, कांग्रेस के खाते में दो लोकसभा सीटें...  

2 min read
Mar 27, 2019

भोपाल : लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत का मिजाज इस बार कुछ अलग तरह का है। 15 साल बाद मैदान में कांग्रेस और भाजपा बराबरी के मुकाबले में नजर आ रही हैं। इससे पहले के तीन लोकसभा चुनाव में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस की हालत पतली रही है।

पिछले 15 सालों के सियासी समीकरणों पर नजर डालें तो 13 सीटों पर भाजपा का कब्जा रहा है जबकि दो सीटें कांग्रेस का गढ़ बनी रहीं। लेकिन 14 लोकसभा सीटें हैं जिनका मूड बदलता रहा है। कांग्रेस की कोशिश इन 14 सीटों को हथियाने की है क्योंकि यहां उसको ज्यादा उर्वरा जमीन नजर आ रही है। वहीं भाजपा की नजर भी इन 14 सीटों पर पैनी है, इनको बचाए रखने के लिए ही मौजूदा सांसदों पर कैंची चलाई जा रही है।

बदलती रही हैं ये सीटें :
प्रदेश की 13 ऐसी सीटें हैं जहां पर पिछले 15 सालों में भाजपा या कांग्रेस का कब्जा रहा है। इनमें ग्वालियर, झाबुआ, शहडोल, मंडला, होशंगाबाद,राजगढ़, देवास,उज्जैन,मंदसौर, धार,सीधी,खरगोन और खंडवा शामिल हैं। रीवा सीट पर 2009 में बसपा के देवराज सिंह ने जीत दर्ज की थी।

इन सीटों को कांग्रेस ने जीत की संभावना के आधार पर साफ्ट टारगेट माना है। इन सीटों के लिए कांग्रेस ने विशेष प्लान तैयार किया है। वहीं भाजपा भी इन सीटों पर फोकस कर रही है, उसको डर है कि कमजोर कडिय़ों के कारण ये डोलने वाली सीटें उसके पाले से खिसक न जाएं।

कांग्रेस की पहुंच से दूर ये सीटें :
प्रदेश की 13 लोकसभा सीट ऐसी हैं जो पिछले डेढ़ दशक में कांग्रेस के हाथ नहीं लग पाई हैं। इन सीटों में भोपाल,इंदौर,विदिशा, जबलपुर, मुरैना, भिंड, सागर, टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, बालाघाट और बैतूल शामिल हैं।

प्रदेश की नौ सीटें भाजपा का गढ़ कहलाती हैं जिनमें पांच सीटों पर तो भाजपा का कब्जा 1989 से है, इनमें भोपाल,इंदौर,विदिशा,भिंड,दमोह शामिल हैं। इस बार कांग्रेस इन सीटों को ही कठिन सीट मानकर अपने दिग्गजों को उतार रही है।

कांग्रेस के दो सुरक्षित किले :
प्रदेश की छिंदवाड़ा और गुना सीट कांग्रेस के सुरक्षित किले माने जाते हैं। हालांकि इनमें रतलाम भी शुमार है, लेकिन 2014 की मोदी लहर में कांतिलाल भूरिया ये किला हार गए थे, हालांकि कुछ महीनों बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने फिर से जीत हासिल कर ली थी। गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार चार बार जीत चुके हैं जबकि कमलनाथ छिंदवाड़ा से नौं बार सांसद रहे हैं।

कांग्रेस इस बार 23 से ज्यादा सीटें जीतने वाली है। लोगों का समर्थन कांग्रेस के साथ है।
- कमलनाथ, मुख्यमंत्री

भाजपा मिशन 29 पर काम कर रही है, लोग मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं इसलिए सभी 29 सीटें भाजपा जीतेगी।
- राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष,भाजपा

Updated on:
27 Mar 2019 08:01 am
Published on:
27 Mar 2019 07:59 am
Also Read
View All