Courtyard Marriott Bhopal fined: उपभोक्ता आयोग ने वेज बिरयानी के स्थान पर चिकन परोसने को गंभीर सेवा दोष माना और होटल प्रबंधन की मानवीय भूल की दलील खारिज करते हुए कोर्टयार्ड मैरियट पर 18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
MP News: शाकाहारी भोजन के नाम पर मांसाहार परोसने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने भोपाल के डीबी सिटी स्थित होटल कोर्टयार्ड मैरियट (Courtyard Marriott Bhopal) को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 18 हजार रुपए उपभोक्ताओं को अदा करने का आदेश दिया है। इसमें 15 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और 3 हजार रुपये वाद व्यय शामिल है। होटल प्रबंधन ने आयोग के समक्ष जवाब दाखिल करते हुए इसे मानवीय त्रुटि बताया। प्रबंधन का तर्क था कि नए साल की पार्टी के दौरान अधिक ऑर्डर और स्टाफ की व्यस्तता के कारण वेज बिरयानी की जगह चिकन बिरयानी परोस दी गई। साथ ही कहा गया कि शिकायत मिलते ही माफी मांगकर शाकाहारी भोजन उपलब्ध करा दिया गया था।
1,707 रुपए का बिल
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35(1) के तहत विनय तिवारी और सीमांत दुबे द्वारा दर्ज कराया गया था। दोनों उपभोक्ता 31 दिसंबर 2022 की रात नए साल का जश्न मनाने के लिए होटल में ठहरे थे। उन्होंने वेजिटेबल दम बिरयानी और मावा बाटी का ऑर्डर दिया। होटल ने 1,707 रुपए लिए थे।
वेज की जगह नॉनवेज परोसने का मामला पहुंचा आयोग तक
29 मई 2023 को दर्ज यह प्रकरण जिला उपभोक्ता आयोग (Consumer Commission) के सामने आया, जहां होटल प्रबंधन ने भीड़ और मानवीय भूल का हवाला देकर खुद को दोषमुक्त बताने की कोशिश की। हालांकि आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय ने इन दलीलों को खारिज करते हुए इसे सेवा में गंभीर कमी करार दिया। आयोग ने कहा कि गलत भोजन परोसने से उपभोक्ता को मानसिक पीड़ा और सामाजिक असहजता झेलनी पड़ी।
सबूतों ने बदला फैसला, होटल पर 18 हजार का हर्जाना
आयोग ने अपने आदेश में उपभोक्ता की सजगता को अहम बताया। पीड़ित ने परोसे गए भोजन की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग की थी और बिल भी सुरक्षित रखा था, जिससे होटल की लापरवाही साबित हो गई। पहले होटल ने गलती मानने से इनकार किया, लेकिन अदालत में ठोस सबूत पेश होने के बाद उसे 18 हजार रुपये मुआवजा देने पर सहमति जतानी पड़ी।किया, लेकिन कोर्ट में सबूत पेश होने के बाद हर्जाना देने पर सहमति जतानी पड़ी। (MP News)