
Bhopal news: हम बच्ची को पाल नहीं पाएंगे….ये शब्द थे एक पिता के ! एमपी में भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 स्थित ऑटो स्टैंड पर 11 दिन पहले एक ऑटो में करीब एक माह की मासूम बच्ची लावारिस हालत में मिली थी । सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया। एक माह की मासूम बच्ची को छोड़कर फरार हुए दंपती को जीआरपी ने 11 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया।
पिता ने पुलिस को बताया ये छठवीं संतान है जिसका पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा था। इस लिए पूणे से 884 किलोमीटर दूर आकर ऑटो में छोड़कर चले गए थे। जीआरपी एसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार दंपती की पहचान बिहार निवासी अनीता देवी और भूषण राम के रूप में हुई है। दोनों पुणे में मजदूरी करते हैं। उनके पांच बच्चे हैं। तीन बच्चों को बिहार में परिवार के पास छोड़ रखा है, दो बच्चे उनके साथ पुणे में रहते हैं।
जानकारी के मुताबिक अनीता ने छठवीं बच्ची को जन्म दिया। आर्थिक तंगी और बच्ची के पालन-पोषण की चिंता के चलते दंपती ने उसे छोड़ने की योजना बनाई। 10 जुलाई को दोनों पुणे से बिहार जाने के लिए ट्रेन से निकले। 11 जुलाई को ट्रेन भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंची तो अनीता बच्ची को लेकर प्लेटफॉर्म पर उतर गई। दोनों ने बच्ची को एक ऑटो में छोड़ दिया और दूर खड़े होकर घंटों देखते रहे। दोनों खूब रोये भी। जब किसी ने बच्ची की ओर ध्यान दिया तो दोनों वहां से निकल गए और पुणे लौटने के लिए दूसरी ट्रेन का टिकट लेकर रवाना हो गए।
टीआइ जीआरपी जहीर खान ने स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और दंपती की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम पुणे भी गई। मंगलवार को दोनों फिर भोपाल रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिए। पहले से सतर्क पुलिस टीम ने उन्हें पहचान कर मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
बीते दिन तीनों की पहचान बच्ची के माता-पिता और बड़ी बहन के रूप में हुई। बताया गया कि परिवार आर्थिक तंगी के कारण बिहार जाते समय भोपाल स्टेशन पर बच्ची को छोड़ गया था लेकिन बाद में समाचार और सोशल मीडिया पर बच्ची की जानकारी देखकर उन्हें पछतावा हुआ और वे बच्ची का हाल जानने भोपाल पहुंचे इसी दौरान जीआरपी ने उन्हें पहचान लिया। पुलिस ने माता-पिता के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं बच्ची के भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय अब बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) द्वारा लिया जाएगा।