भोपाल

फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी बनाकर प्लाट पर कब्जा करने वालों को 7 साल की कैद

अदालत ने सुनाया फैसला

2 min read
Mar 08, 2019
court

फर्जी पावर ऑफ अटर्नी बनाकर प्लाट पर कब्जा करने वाले मुर्शरफ अली को अदालत ने 7 साल के सश्रम कारावास-ढाई लाख रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी में गवाह बने सह आरोपी लखन उर्फ लाखन, बब्लू उर्फ फहीम और सुमेश को अदालत ने 7 साल के सश्रम कारावास-जुर्माने की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश भू भास्कर यादव ने यह फैसला सुनाया है। मामला अशोका गार्डन थाने का है। बीएचईएल के कर्मचारी बाल किशन माधवन ने वर्ष 1967 ग्राम सेमराकलां में प्लाट रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम सेे खरीदा था। माधवन की 20 मार्च 1991 को मौत हो गई थी।

जब 28 नवंबर 2011 को माधवन की बेटी शोभना ने उक्त प्लाट को नवंबर 2011 में मोहम्मद शफीक को बेचा तब इस बात का खुलासा हुआ कि मुशर्रफ अली ने प्लाट की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाकर प्लाट पर कब्जा कर रखा है। जांच में यह बात सामने आई कि पावर ऑफ अटॉर्नी में माधवन की जगह लखन का फोटो लगा है और गवाह के तौर पर फईम और सुमेश ने हस्ताक्षर किए हैं।

आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले पति को 7 साल की कैैद

पत्नी को प्रताडित कर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में अदालत ने विनोद लोधी निवासी ग्राम अकबरपुर कोलार रोड को 7 साल के सश्रम कारावास-जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुशवाह ने यह फैसला सुनाया है। मामला कोलार रोड थाने का है। सरकारी वकील प्रीति श्रीवास्तव ने बताया कि विनोद लोधी पत्नी कमला बाई के साथ अक्सर मारपीट कर प्रताडित करता था।

इससे तंग आकर कमला बाई ने 12 अक्टूबर 2015 की रात घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। यह प्रकरण अदालत में आने के बाद दोनों पक्षों की सुनवाई हुई और गुरूवार को अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। सुनवाई के दौरान पति अपने आपको निर्दोष साबित नहीं कर पाया।

Published on:
08 Mar 2019 08:07 am
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