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एमपी में रातों-रात ‘अफसर साहबों’ से छीनी गई कप्तानी, कई थे ‘नॉन परफॉर्मर’

MP News: मनपसंद की पोस्टिंग पाने में विफल सीएसपी से लेकर एएसपी, एसपी से डीआइजी तक का सफर खंडवा में पूरा करने वाले आइपीएस मनोज कुमार राय अच्छी पोस्टिंग पानी में विफल रहे।

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62 IPS Officers Transferred

62 IPS Officers Transferred (Photo Source: AI Image)

MP News: मोहन सरकार ने शनिवार रात भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) के जिन 62 अफसरों का तबादला किया है, उनमें 2014 बैच की आइपीएस वाहनी सिंह भी शामिल है। सिंह उस एसआइटी टीम की सदस्य है, जिसने मंत्री विजय शाह के खिलाफ जांच की है। शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अमर्यादित बयान दिया था। कोर्ट मामले में संज्ञान लिया था और उसी के आदेश पर एसआइटी बनी थी।

वाहनी सिंह डिंडौरी की पुलिस अधीक्षक थीं, जिन्हें पीटीसी इंदौर का जिम्मा दिया है। एसआइटी में तीन आइपीएस शामिल थे, उनमें से एक वाहनी सिंह भी है। एसपी रहे श्रुतकीर्ति सोमवंशी को दमोह से ग्वालियर भेजा है। यहां उन्हें सेनानी 13वीं वाहिनी विसबल का जिम्मा दिया है। दमोह में वे 2 साल 1 महीने ही रहे। आइपीएस सोमवंशी के बड़े भाई एवं आइएएस स्वरोचिष सोमवंशी, जोकि सीधी कलेक्टर थे, उन्हें 22 मार्च को मुख्यमंत्री ने औचक निरीक्षण के बाद हटाया था। सिवनी से हटाए गए आइपीएस सुनील मेहता हवाला डकैती कांड के समय कप्तानी संभाल रहे थे।

पुलिस ने कई बड़ी कार्रवाई की

सिवनी: एसपी सुनील मेहता के समय हुआ था हवाला मनी डकैती कांड आइपीएस सुनील मेहता ने 25 जून 2024 को जिले की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में पुलिस ने कई बड़ी कार्रवाई की। अक्टूबर 2025 में उन्हीं के कार्यकाल में हवाला मनी डकैती कांड भी हुआ। तब पुलिस को गंभीर आरोप झेलने पड़े थे। यहां तक कि एसडीओपी पूजा पांडे समेत 11 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करनी पड़ी थी। यह कांड देशभर में चर्चा का विषय बना। हालांकि बाद में कोर्ट ने इसमें राहत दे दी।

अच्छी पोस्टिंग पानी में विफल रहे

खंडवा: मनपसंद की पोस्टिंग पाने में विफल सीएसपी से लेकर एएसपी, एसपी से डीआइजी तक का सफर खंडवा में पूरा करने वाले आइपीएस मनोज कुमार राय अच्छी पोस्टिंग पानी में विफल रहे। सरकार ने उन्हें पुलिस मुख्यालय में पदस्थ कर दिया। सूत्रों के अनुसार वे जबलपुर व बड़े जिले में पदस्थी के प्रयास कर रहे थे। अपनी पोस्टिंग को लेकर कई बार भोपाल भी गए। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ओंकारेश्वर आए तब भी वे इसी प्रयास में थे कि उन्हें जबलपुर या उसी तरह के एक अच्छे जिले में तैनाती हो।

सीएम ने निरीक्षण के बाद हटाया

दमोह: पहले IAS भाई को सीधी से हटाया, अब खुद का भी तबादला एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को दमोह से ग्वालियर भेजा गया है। यहां उन्हें सेनानी 13वीं वाहिनी विसबल का जिम्मा दिया है। दमोह में वे 2 साल 1 महीने ही रहे। आइपीएस सोमवंशी के बड़े भाई एवं आइएएस स्वरोचिष सोमवंशी जोकि सीधी कलेक्टर थे, उन्हें 22 मार्च को सीएम ने निरीक्षण के बाद हटा दिया था।

ये आइपीएस… जिन्हें दूसरे जिले की कप्तानी मिली

आइपीएस सूरज कुमार वर्मा को दतिया से भिंड, यांगचेन डोलकर भुटिया को देहात इंदौर से शिवपुरी, रजत सकलेचा को मंडला से छतरपुर, अगम जैन को छतरपुर से खंडवा, देवेंद्र कुमार पाटीदार को बुरहानपुर से झाबुआ, दिलीप कुमार सोनी को मऊगंज से हटाकर आगर-मालवा जिले की कप्तानी दी है।

इन आइपीएस के तबादले के पीछे ये भी कहानी

-सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री के छोटे भाई आइपीएस मनीष खत्री के खिलाफ रीवा में शिकायतें बढ़ रही थी, इसलिए हटाया गया।

-प्रतिनियुक्ति से लौटे आइपीएस सचिन शर्मा ने दिल्ली से सिंगरौली की कप्तानी पाने के कई प्रयास किए। लेकिन अंतत: धार मिला।

-रीवा जिले की कप्तानी से हटाए गए शैलेंद्र सिंह चौहान ग्वालियर कलेक्टर रूचिका चौहान के पति हैं जो अच्छी पोस्टिंग पाने में सफल हुए।

-शिवपुरी में एक कद्दावर नेता अपने पसंद के अफसर को कप्तानी दिलवाना चाहते थे, जहां महिला आइपीएस यांगचेन डोलकर भुटिया कप्तानी पाने में सफल रही।

-एक आइएएस से जुड़े तथाकथित विवाद के कारण नर्मदापुरम की कप्तानी गंवाने वाले आइपीएस गुरूकरण सिंह रीवा की कप्तानी पाने में सफल रहे।

-छतरपुर 36 थानों वाला जिला है, जहां की कप्तानी रजत सकलेचा को दी है। यहां से आइपीएस अगम जैन को इसलिए हटाया, क्योंकि वे कुछ मामलों में पिछड़ रहे थे। हालांकि उन्हें खंडवा जिले की कप्तानी देकर काम करने के अवसर दिए हैं।