अयोध्या नगर थाने का मामला 10 जुलाई की रात हुई घटना अयोध्या नगर थाने में पदस्थ सिपाही सुमित बघेल एवं विनोद रावत को गुजरात के व्यापारी के 5 लाख रुपए लूटने के मामले में पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों ने लूट की रकम वसूलने के बाद अयोध्या नगर थाने के टीआई पवन सेन को रिश्वत देने का प्रयास किया था और मामला आपस में समझने का प्रलोभन देकर रुपए दिखाए थे।
टीआई ने पूरी घटना डीआईजी को बताई थी जिसके बाद दूसरे दिन थाने जाकर एसपी साउथ एवं एएसपी जोन टू ने आरोपियों के बयान दर्ज किए थे। एक महीने से दोनों आरोपी पुलिस कर्मी लाइन अटैच चल रहे थे।
ये था पूरा मामला
10 जुलाई की रात गुजरात के हीरा एवं सोना व्यापारी जीके गोल्ड एंड डायमंड कंपनी के मैनेजर प्रवीण भाई धीरूजी भाई के 2 प्रतिनिधियों से आरोपी पुलिस कर्मियों ने 5 लाख रुपए लूट लिए थे। गुजरात के व्यापारी के एजेंट किशन दिलीप जाडा एवं रोनक भरत सिंह देवड़ा नामक दोनों प्रतिनिधि एक्टिवा गाड़ी से बैग में 26 लाख नगद राशि लेकर लाल घाटी में पवन जी भाई नामक व्यापारी को भुगतान करने जा रहे थे। 10 जुलाई की रात अयोध्या नगर थाने के सिपाही सुमित बघेल एवं विनोद रावत अपनी प्राइवेट पल्सर मोटरसाइकिल से मिनाल रेसीडेंसी गेट नंबर पांच के पास घूम रहे थे और उन्होंने दोनों प्रतिनिधियों को रोक लिया। चेकिंग के दौरान जब बैग में पैसा मिला तो उन्होंने दोनों प्रतिनिधियों को जेल में डालने की धमकी दी और 5 लाख रुपए नगद हड़प लिए। इसके बाद दोनों प्रतिनिधियों को मौके से भगा दिया गया। लूट की घटना को अंजाम देने के बाद सिपाही सुमित बघेल एवं विनोद रावत अयोध्या नगर थाने के टीआई पवन कुमार सेन से मिलने नरेला शंकरी रजनी अस्पताल चेकिंग पॉइंट पर पहुंच गए। यहां दोनों सिपाहियों ने थाना प्रभारी को लालच देने का प्रयास किया। दूसरे दिन गुजरात के व्यापारी जीके गोल्ड एवं डायमंड कंपनी के मैनेजर प्रवीण भाई धीरूजी भाई स्वयं अपने दोनों प्रतिनिधियों को लेकर अयोध्या नगर थाने पहुंच गए। गुजरात के व्यापारी ने दोनों सिपाहियों द्वारा उनके प्रतिनिधियों से जबरदस्ती 5 लाख रुपए की राशि लूटने की बात टीआई को बताई। एसपी साईं कृष्णा थोटा, एडिशनल एसपी राजेश सिंह भदौरिया, सीएसपी सुदेश दामले ने जब सिपाही विनोद रावत एवं व्यापारी, उसके दोनों प्रतिनिधियों का आमना सामना कराकर बयान लेने शुरू किए तो सब सच सामने आ गया।