
Bhopal news: ट्रैफिक चालान जमा करने के नाम पर साइबर ठग अब वाहन मालिकों को फर्जी वेबसाइट और लिंक भेजकर निशाना बना रहे है। हाल ही में एमपी के भोपाल शहर में रहने वाले रोशन लाल भी ऐसी ही ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। उनके मोबाइल पर ट्रैफिक चालान जमा करने एक लिंक आया था। भुगतान करने से पहले उन्होंने एसीपी ट्रैफिक विजय दुबे से संपर्क किया। उन्होंने वेबसाइट की जांच करने की सलाह दी। जांच में लिंक फर्जी निकला। समय रहते भुगतान रुकने से रोशन लाल के साथ संभावित आर्थिक ठगी टल गई।
पिछले तीन महीने में भोपाल में इस तरह के एक दर्जन से अधिक मामले सामने आने की जानकारी है। साइबर ठग एसएमएस, वॉट्सऐप और ई-मेल के जरिए वाहन मालिकों को चालान लंबित होने का संदेश भेज रहे हैं। इसके साथ एक लिंक दिया जाता है। लिंक खोलने पर हूबहू सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट खुलती है। यहां चालान जमा करने के नाम पर बैंक, कार्ड या अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है।
बैरसिया क्षेत्र की रहने वाली एक कामकाजी महिला को भी इसी तरह का लिंक मिला था। संदेश में वाहन का ई-चालान लंबित होने की बात कही गई। महिला ने लिंक के जरिए 5 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है।
वाहन मालिकों से अपील की है से पहले वेबसाइट का पता ध्यान से जांचें। सरकारी वेबसाइट में सामान्य रूप से जीओवीडॉटइन डोमेन होता है। वहीं फर्जी वेबसाइट डॉइन, डॉटकॉम, डॉटऑनलाइन या डॉटनेट जैसे डोमेन का इस्तेमाल कर सकती हैं।- बसंत कुमार, अतिरिक्त डीसीपी, ट्रैफिक
कोलार इलाके में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। सत्यम शिवम स्टैंड सी निवासी राजेंद्र चंद्र शर्मा से अज्ञात जालसाजों ने निवेश के नाम पर 27 लाख 70 हजार रुपए ठग लिए। वहीं फरचून सिटी निवासी रामेंद्र शुक्ला से खाता बंद करने के नाम पर 1 लाख 74 हजार रुपए की ठगी की गई। राजेंद्र चंद्र शर्मा के पास अज्ञात लोगों ने निवेश को
लेकर संपर्क किया था। दूसरे मामले में फरचून सिटी निवासी रामेंद्र शुक्ला के पास जालसाजों ने बैंक खाता बंद करने के नाम पर संपर्क किया। आरोपियों ने प्रक्रिया पूरी करने के बहाने उनसे बैंक खाते से जुड़ी जानकारी और रकम ट्रांसफर कराई। कुछ समय बाद रामेंद्र को अपने साथ हुई ठगी का पता चला। खाते से कुल 1 लाख 74 हजार रुपए निकल चुके थे।