भोपाल

अब बुलबुल चक्रवात का असर, दो दिन बाद मौसम में होगा बड़ा बदलाव

imd alert- उत्तर भारत में ताजा बर्फबारी का असर तीन दिनों बाद पड़ने वाला है। शीतलहर की शुरुआत हो जाएगी...।
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Nov 08, 2019
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भोपाल। इस बार भारी बारिश ( heavy rainfall ) और बाढ़ ( flood ) से कई जिलों का जनजीवन प्रभावित रहा। जबकि ठंड का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन अब तक कई जिलों में बारिश के लिए अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। उत्तर भारत में ताजा बर्फबारी का असर तीन दिनों बाद पड़ने वाला है। इस दौरान कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी।

मध्यप्रदेश में पिछले 15 दिनों से हालात ऐसे हैं कि धूप भी नहीं निकल रही है, जबकि रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। प्रदेश में पिछले 23 जिलों में कहीं-कहीं बारिश की सूचनाएं हैं। भोपाल में गुरुवार रात को हल्की बारिश हुई। जबकि कई इलाकों में हल्की धुंध भी रही।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक चक्रवाती तूफान क्यार के बाद महा ने अपना असर दिखाया। इसके कमजोर होने के बाद अब नया तूफान बुलबुल ( bulbul ) बंगाल की खाड़ी में बन गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह भारत की तरफ नहीं आकर इसका रुख बंगलादेश की तरफ रहेगा।

जम्मू-कश्मीर में हुई बर्फबारी
उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर में जोजिला, मुगल रोड, गुलमर्ग और सोनमर्ग में ताजा बर्फबारी हुई है, जिस कारण तापमान जीरो डिग्री से नीचे उतर गया है। लेह में भी माइनल पांच डिग्री तक तापमान पहुंच गया है। करगिल में भी माइनल तीन डिग्री पर तापमान है। मौसम विभाग ( India Meteorological Department ) के मुताबिक उत्तर भारत तक चक्रवाती तूफान का असर बना हुआ है। जबकि मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। इसके बाद माना जा रहा है कि जल्दी ही शीतलहर शुरू हो सकती है।


बारिश के बाद गिरा तापमान
पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश के ज्यादातर जिलों में बादल छाए हुए हैं, धूप नहीं निकल रही है। जबकि कहीं-कहीं बारिश का भी दौर जारी है। इस कारण तापमान में गिरावट हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को ही तापमान में अचानक छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।

क्या कहता है मौसम विभाग
मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान 'महा' कमजोर हो गया है और अरब सागर के ऊपर कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में स्थित है। इसके बाद अरब सागर से आर्द्र हवाएं मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में नमी ला रही हैं। यही नहीं, मध्यप्रदेश में नमी की मात्रा बढ़ाने में राजस्थान के ऊपर प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण की अहम भूमिका रही है।

यहां हो सकती है बारिश
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। उसके मुताबिक प्रदेश के पश्चिमी जिलों में होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, धार, इंदौर, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, उज्जैन , नीमच, रतलाम,शाजापुर, देवास, आगर मालवा, मंदसौर, भोपाल, सिहोर, श्योपुरकलाँ मुरैना जिलों कहीं-कहीं मध्यम से छिटपुट हल्की बारिश होगी। जबकि शुक्रवार को नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और इंदौर में बारिश की संभावना है।

बदलेगा मौसम, रविवार से बढ़ेगी ठंड
मध्यप्रदेश के ज्यादातर हिस्से में आसमान में बादल छाने के और बाद में वर्षा गतिविधियों के कारण, न्यूनतम वृद्धि होने की संभावना है। इसके विपरीत, अधिकतम दो से तीन डिग्री की गिरावट होगी। इस परिदृश्य के बाद, यानी 9 नवंबर के बाद, मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा और उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं बहने लगेंगी। नतीजतन, न्यूनतम में एक महत्वपूर्ण गिरावट की संभावना है, जो राज्य में सर्दियों की शुरुआत का प्रतीक होगा।

दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी के बाद मध्य प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाता है। हालांकि इस साल मानसून के बाद भी बारिश अक्टूबर के मध्य तक जारी रही। नवंबर के बाद मानसून महीना भी बरसात जारी रही और यह ट्रेंड अभी भी जारी है। इन असामान्य बारिश का कारण अरब सागर में हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को माना जा सकता है। 9 से 14 नवम्बर तक मौसम शुष्क रहेगा और अधिकतम एवं न्यूनतम तापमानों गिरावट की संभावना है।

Published on:
08 Nov 2019 10:29 am