
Upper Lake Bhopal : मध्यप्रदेश की राजधानी के विख्यात बड़े तालाब जाना हो तो जरा सावधानी बरतें। यहां खतरनाक मगरमच्छ पहुंच गए हैं। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान ने इसके लिए बाकायदा अलर्ट जारी किया है। यह बड़े तालाब से बिल्कुल सटा है। भोपाल में बारिश के चलते वन विहार में बाड़ेबंदी का कार्य जारी है। जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण बाड़े में मौजूद मगरमच्छ, घडिय़ाल और कछुओं आदि के बड़े तालाब में आने-जाने करने का खतरा बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की विशेष टीम ने जल मार्गों और बाड़ेबंदी की 24 घंटे सघन मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।
राजधानी के बड़े तालाब का अलग ही आकर्षण है। वीकेंड और अन्य अवकाशों में यहां लोगों की भीड़ लगती है। मगरमच्छों के आने से इन पर्यटकों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। इससे पहले भी बड़े तालाब में मगरमच्छ आ चुके हैं। हाल ही में दो बार ऐसी घटनाएं हुईं हालांकि इससे कोई जनहानि नहीं हुई।
बड़े तालाब से सटे वन विहार में बाड़ेबंदी का कार्य चल रहा है। इससे खासतौर से मगरमच्छों के इधर उधर होने का खतरा है। इनके साथ ही अन्य जानवरों व जलीय जीवों पर निगरानी रखने वाले अमले के लिए वन विहान प्रबंधन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।
वन विहार के निदेशक विजय कुमार के अनुसार, बारिश के मौसम में जलीय जीवों के प्राकृतिक प्रवास को रोकने और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बाड़ेबंदी को मजबूत किया जा रहा है। फेंसिंग के संवेदनशील बिंदुओं पर वन अमला के अलावा कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है।
घटना-1: तीन साल पहले बारिश के दौरान आठ फीट लंबा मगरमच्छ भदभदा पुल के पास बड़े तालाब में पहुंच गया था। रेस्क्यू टीम ने चार घंटे के ऑपरेशन के बाद इसे सुरक्षित पकड़ा।
घटना 2: 2019 में कलियासोत डैम में जाल में फंसा भूखा घडिय़ाल 5वें दिन 42 बार किनारे आया। संसाधनों (जाल, मोटरबोट) की गैर-मौजूदगी में चार दिन तक वनकर्मियों का रेस्क्यू अभियान विफल रहा।