भोपाल

मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरुकता अभियान, मगर सरकारी अस्पताल में ही पल रहे मलेरिया के मच्छर

जेपी अस्पताल परिसर में हर जगह गंदगी और गंदे पानी का ठहराव के कारण उसमे मच्छर के लार्वा पंनप रहे हैं। बरसात के सीजन में भी अस्पताल प्रशासन कितना सजग है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि, ब्लड बैंक की बिल्डिंग के पीछे नालियां बजबजा रहीं हैं।

2 min read
Jul 30, 2022

भोपाल. मानसून में मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए शहर भर में स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रहा हैं। डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को कूलरों में,घरों के आसपास पानी इकट्ठा न करने की सलाह देते हैं। चेकिंग के दौरान अगर कही जमा पानी में लार्वा मिल जाए तो लोगों के चालान भी काट लिए जाते हैं। मगर सरकारी अस्पतालों में ही पनप रही मलेरिया जैसी जानलेवा बिमारीयों की सबसे बड़ी वजहों की सुध लेने वाला कोई नहीं। जेपी अस्पताल में कई कूलरों में पानी जमा मिला। यह कूलर मरीजों के लिए वार्ड और कर्मचारियों के लिए लगे हुए थे। वार्ड के आसपास गंदगी देखने को मिली। इनसे बचने मरीजों ने खिड़कियां बंद कर रखी थीं।

अस्पताल परिसर में हर जगह गंदगी और गंदे पानी का ठहराव देखने को मिला। लेकीन अस्पताल प्रशासन के आँखों पर पट्टी लगी हुआ है। वहीं पास लगे वाटर कूलर के हौज में भी पानी भरा है,जिसके कारण उसमे मच्छर के लार्वा पंनप रहे हैं। बरसात के सीजन में भी अस्पताल प्रशासन कितना सजग है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि, ब्लड बैंक की बिल्डिंग के पीछे नालियां बजबजा रहीं हैं। नियमित सफाई न होने से इनमे मच्छरों की फौज पनप रही हैं। अस्पताल की यह लापरवाही यहां आने वाले मरीज और तीमारदारों पर भारी पड़ सकती हैं।

चादरे भी गंदी, फर्श पे जमी धूल

बारिश के मौसं में डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ गया हैं। ऐसे में शहर के अस्पताल बारिश में फैलने वाले संक्रामक रोगों एवं मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के प्रति कितने सजग हैं इसका जायजा लेने के लिए पत्रिका टीम जेपी अस्पताल पहुंची थी। अस्पताल के अंदर प्रवेश करते ही कर्मचारी सफाई करते दिखे लेकिन शौचालय से दुर्गंध आ रही थी और गंदी फैली हुई थी। परिसर में रखे डस्टबिन भरे पड़े थे।वैसे तो चादरें रोज बदली जाती हैं, लेकिन वह भी साफ नहीं दिखाई दीं,फर्श पर धूल जमी थी। इधर-उधर बिस्कुट और नमकीन के खाली पैकेट पड़े दिखाई दिए।

पिछले एक माह से डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए अभियान चल रहा है। लोगों को जानकारी दी जा रही है। जो हालात अस्पताल में नजर आए उसे देख लगा यह अभीयान केवल जागरूकता तक सीमित होता दिखाई देता दिख रहा है। बचाव की फिक्र न तो प्रशासन को है और न ही स्वास्थ्य अमले को। यह हालात लोगों के लिए घातक हो सकते हैं। इस मामले में सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी का कहना है कि हम अपनी ओर से सुधार की कोशिश कर रहे हैं। बरसात के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए काम किया गया है। आगे भी जारी रहेगा। अभी डेंगू मलेरिया को रोकने पर फोकस किया जा रहा है।

Published on:
30 Jul 2022 09:58 pm
Also Read
View All

अगली खबर