6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP News: ‘3 करोड़’ से डलेगी अंडरग्राउंड पाइपलाइन, कॉलोनी में रहने वालों को राहत

MP News: परियोजना के तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पाइपलाइन की डिजाइन इस प्रकार तैयार की जाएगी कि भारी बारिश के दौरान भी पानी का प्रवाह सुचारु रूप से चलता रहे।

2 min read
Google source verification
Underground Pipeline

Underground Pipeline प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: भोपाल के कोलार इलाके के सलैया क्षेत्र में लंबे समय से चिंता और खतरे का कारण बनी सड़क के किनारे खुली नहर को अब अंडरग्राउंड पाइपलाइन में तब्दील करने की बड़ी योजना पर काम शुरू होने जा रहा है। करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना का प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि बजट स्वीकृति मिलते ही जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।

बता दें कि उक्त परियोजना दर्जनों रिहायशी कॉलोनियों के बीच रहने वाले हजारों लोगों के लिए किसी 'सुरक्षा कवच साबित होगी। क्योंकि नहर के आसपास की कई रिहायशी कॉलोनियों के पास से गुजरने वाली यह नहर वर्षों से खुली हालत में है। हद तो तब हो गई जब खतरों के बीच होने के बावजूद इस पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।

बना रहता है खतरा

नहर के किनारों पर कहीं रेलिंग नहीं है तो कहीं जर्जर संरचना हादसों को न्योता देती नजर आती है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना पैदल आवाजाही करने वाले लोगों के लिए हमेशा खतरा बनी रहती है। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। स्थानीयों के अनुसार, बीते वर्षों में कई छोटे-बड़े कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें लोग फिसलकर नहर में गिरकर चोटिल हुए हैं। हालांकि अब तक कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है, लेकिन भविष्य में नहीं होगी इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता। जल संसाधन विभाग के द्वारा समय-समय पर अस्थायी उपाय जरूर किए किए गए हैं, लेकिन वे नाकाफी हैं।

नेटवर्क के तकनीकी पहलुओं पर विशेष फोकस

परियोजना के तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पाइपलाइन की डिजाइन इस प्रकार तैयार की जाएगी कि भारी बारिश के दौरान भी पानी का प्रवाह सुचारु रूप से चलता रहे। साथ ही भविष्य में रखरखाव के लिए आवश्यक निरीक्षण चेंबर और सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी ना हो सके।

इधर, शहरी विकास विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं केवल समस्या का समाधान ही नहीं करतीं, बल्कि शहर के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके तहत उच्च गुणवत्ता की मजबूत पाइपलाइन बिछाकर नहर के पानी के प्रवाह को जमीन के नीचे सुरक्षित तरीके से संचालित किया जाएगा। इससे ऊपर की सतह पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी और दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त हो जाएगी।

सफाई बन रही थी सबसे बड़ी परेशानी

सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता की दृष्टि से भी यह नहर बड़ी समस्या बन चुकी है। इसमें खुलेआम कचरा डाला जाता है, जिससे पानी प्रदूषित हो जाता है और आसपास बदबू फैलती है। नहर में जमा गंदगी मच्छरों के पनपने का कारण बनती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी के दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है, जब बदबू के कारण लोगों का रहना तक मुश्किल हो जाता है। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अब नहर को पूरी तरह अंडरग्राउंड पाइपलाइन में बदलने का निर्णय लिया है।

सलैया क्षेत्र में दशहरा मैदान और रिहायशी इलाकों के आसपास बनी खुली नहर में अंडरग्राउंड पाइप लाइन नेटवर्क बनाने का प्रपोजल बनाकर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। नितिन कुहिकर, ईई,जल संसाधन विभाग, भोपाल