6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी के किसानों को करोड़ों का नुकसान, युद्ध के कारण एक्सपोर्ट नहीं होगा गेहूं

Wheat- गुना, विदिशा, टीकमगढ़ आदि जगहों पर सोमवार को किसानों की नाराजगी सामने भी आई।

3 min read
Google source verification
MP Farmers Suffer Losses Worth Crores Due to Halt in Wheat Exports

MP Farmers Suffer Losses Worth Crores Due to Halt in Wheat Exports

Wheat- एमपी में गेहूं उत्पादक किसान संकट में हैं। राज्य में अभी तक समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी शुरु नहीं हुई है। इससे किसानों को एमएसपी से बहुत कम भाव में गेहूं बेचना पड़ रहा है। ईरान इजरायल अमेरिका युद्ध का असर भी दिखाई दे रहा है। युद्ध के कारण इस बार गेहूं एक्सपोर्ट नहीं होगा जिससे व्यापारी ज्यादा दाम नहीं दे रहे हैं। प्रदेश के किसानों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है जिससे उनका आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को गुना, विदिशा, टीकमगढ़ आदि जगहों पर किसानों की नाराजगी सामने भी आई।

विदिशा में कृषि उपज मंडी में गेहूं की उचित कीमत नहीं मिलने से किसान भड़क उठे। मंडी के सामने सड़क पर चक्का जाम किया। मंडी सचिव नीलकमल वैद्य के अलावा तहसीलदार व पुलिस भी मौके पर पहुंची। किसानों को समझाइश देकर बमुश्किल शांत कराया गया।

किसानों का कहना था कि व्यापारियों व अधिकारियों के बीच सांठगांठ के चलते उन्हें गेहूं की समर्थन मूल्य से काफी कम कीमत मिल रही है। समर्थन मूल्य पर खरीदारी शुरू नहीं होने से उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। जरूरत के चलते अभी वह उपज बेचने को मजबूर हैं। इसका फायदा व्यापारी उठा रहे हैं।

टीकमगढ़ जिले की भी यही स्थिति है। कृषि उपज मंडी में गेहूं के दाम पिछली बार से बेहद कम मिल रहे हैं और मात्र 300 किसान फसल बेचने आ रहे हैं। मंडी के अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष औसतन 1000 किसान आते थे। करीब 40000 क्विंटल गेहूं मंडी में बिकने के लिए आता था। इस बार मंडी में महज 15 हजार क्विंटल गेहूं बिकने आ रहा है। युद्ध के कारण गेहूं का निर्यात न होने के कारण भी यह स्थिति बनी है

गुना में दाम कम लगने पर किसानों ने जाम लगा दिया। यातायात पुलिस प्रभारी ने किसान को मारा। पुलिस की धक्कामुक्की से नाराज किसानों ने हंगामा मचा दिया। बाद में पुलिस कंट्रोल रूम में एसडीएम ने किसानों और व्यापारियों की बैठक कराई जिसमें दोनों पक्षों में समझौता हो गया। शहर की नानाखेड़ी मंडी में गेहूं, धनिया,चना की दो हजार से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉली आईं।

जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जाएगी

इस बीच राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जाएगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी।

गेहूं उपार्जन के लिए इस बार प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी दे रही है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है।