भोपाल

1 लाख सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, 3 साल में बनाएंगे ड्रग फ्री, एमपी के डीजीपी का बड़ा प्लान

DGP MP - मध्यप्रदेश में 15 से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान, मप्र को तीन साल में ड्रग फ्री बनाने का लक्ष्य, एआइ आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाएंगे डीजीपी
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Updated: 15 Jun 2026, 1:21 PM IST
DGP Kailash Makwana plan to make MP drug-free
MP DGP Kailash Makwana एमपी डीजीपी (फोटो सोर्स- dgp_mp X.com)

DGP Kailash Makwana - मप्र को अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस कवायद कर रही है। प्रदेश में नक्सलवाद का खात्मा कर दिया गया है। इसी तर्ज पर अब राज्य को ड्रग के अवैध कारोबार से हर हाल में मुक्त कराना है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 3 साल का लक्ष्य रखा है। टारगेट हासिल करने के लिए एमपी पुलिस सक्रिय हो उठी है। इसके लिए बड़ा प्लान बनाया जा रहा है। डीजीपी कैलाश मकवाना DGP Kailash Makwana ने पुलिस अफसरों को रविवार यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराधों पर नियंत्रण के लिए नई रणनीति के तहत काम करना होगा। इसके लिए प्रदेशभर में एआइ आधारित 1 लाख नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रदेश के नवगठित जिलों में इन कैमरों को प्राथमिकता से लगाया जाएगा।

डीजीपी कैलाश मकवाना ने विभागीय कार्यों, गतिविधियों, उपलब्धियों की त्रैमासिक समीक्षा की। पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई बैठक में जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, विशेष सशस्त्र बल (विसबल) जोनों के अफसर भी शामिल हुए।

प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से डीजीपी कैलाश मकवाना ने नशा मुक्ति के लिए जोरदार प्रयास करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को 15 से 31 जुलाई तक प्रदेश के सभी जिलों में नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। डीजीपी कैलाश मकवाना ने यह भी चेताया कि इस अभियान में कमजोर प्रदर्शन वालों को कार्यवाही के दायरे में लिया जाएगा।

बता दें कि सरकार ने तय किया है कि जिस तरह मप्र ने नक्सल समस्या को खत्म किया है, ठीक उसी तरह अगले मप्र को ड्रग फ्री किया जाना है। इसके लिए तीन साल का लक्ष्य रखा गया है।

नवगठित जिलों में सीसीटीवी कैमरों का विस्तार हो

प्रदेश में सेफगार्ड योजना चलाई जा रही है। इसके तहत एआइ आधारित लगभग एक लाख कैमरों का नेटवर्क बनाया जाएगा।
डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा, प्रदेशभर में स्थापित किए सीसीटीवी कैमरे की नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी। उन्होंने विशेष तौर पर राज्य के नवगठित जिलों में सीसीटीवी कैमरों का विस्तार करने की बात कही। डीजीपी कैलाश मकवाना ने मैहर, मऊगंज एवं पांढुर्णा जिलों में सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।

अपराध नियंत्रण पर फोकस

समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण पर फोकस रहा। डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि सेफ सिटी, टेलीकॉम तथा थाना सीसीटीवी योजनाओं के तहत लगाए सीसीटीवी का अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों की पहचान में मदद लेनी होगी।

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15 Jun 2026, 1:21 PM IST
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