(मल्लिकार्जुन खड़गे) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है और मैं उनका काफी आदर भी करता हूं इसलिए मैंने तय किया है कि मैं उनका (नामांकन भरने में) समर्थन करुंगा: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह
भोपाल. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर राजनीति में काफी उथल पुथल चल रही है, कल तक जहां पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का नाम इस दौड़ में सबसे आगे था, वहीं आज मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम सबसे आगे हो गया है, उनके लिए स्वयं दिग्विजय सिंह ने अपना नाम वापस ले लिया है, अब वे फार्म नहीं भरेंगे, उनहोंने कहा कि मल्लिकार्जुन खडग़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है मैं उनका आदर करता हू।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन फार्म भरने का आज अंतिम दिन है, कल तक पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का नाम सबसे आगे माना जा रहा था, यह भी कयास लगा लिए गए थे, कि वे ही अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे, लेकिन एक दिन बीतते ही पासा फिर पलट गया, आज फिर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नाम बदल गया, अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम इस लिस्ट में सबसे आगे आ रहा है।
पूर्व सीएम ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मुझे पता चला कि वे उम्मीद्वार हैं, इसलिए मैं उनसे मिलने गया, मैंने उनसे कहा आप एक वरिष्ठ नेता हैं, मैं कभी भी आपके खिलाफ चुनाव लडऩे की बात सोच भी नहीं सकता, आपने पहले बता दिया होता तो मैं फार्म लेने भी नहीं गया होता, अब उनका इरादा है फार्म भरने का तो मैं उनका प्रस्तावक बनूंगा।
आपको बतादें कि मल्लिकार्जुन खड़गे को भारत सरकार की 15 वीं लोकसभा के मंत्रीमंडल में श्रम एवं रोजगार में मंत्री बनाया गया था। मल्लिकार्जुन खड़गे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे 2009 में हुए आमचुनाव में कर्नाटक के गुलबर्गा चुनाव क्षेत्र से 15 वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए थे।
इससे पहले गुरुवार रात कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदार शशि थरूर ने दिग्विजय सिंह के साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। शशि थरूर ने दिग्विजय सिंह के साथ फोटो शेयर करते हुए कहा कि हमारे बीच दोस्ताना मुकाबला होगा. शशि थरूर ने दिग्विजय से मुलाकात की और इसका फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा- हम दोनों इस बात पर सहमत हुए हैं कि हमारे बीच प्रतिद्वंद्वियों जैसी लड़ाई नहीं है बल्कि दो सहयोगियों के बीच दोस्ताना मुकाबला होगा। हम दोनों चाहते हैं कि कांग्रेस ही विजयी हो।