भोपाल

साध्वी प्रज्ञा पर लगे प्रतिबंध पर दिग्विजय ने कही बड़ी बात, आयोग से की नामांकन रद्द करने की मांग

साध्वी प्रज्ञा पर लगे प्रतिबंध पर दिग्विजय ने कही बड़ी बात, आयोग से की नामांकन रद्द करने की मांग

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साध्वी प्रज्ञा पर लगे प्रतिबंध पर दिग्विजय ने कही बड़ी बात, आयोग से की नामांकन रद्द करने की मांग

भोपालः लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सबसे हॉट सीटों में शुमार भोपाल सीट से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर विवादित बयानों के चलते चुनाव आयोग ने 72 घंटे प्रचार पर प्रतिबंध लगाया है। आयोग के इस फैसले को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सराहनीय बताते हुए इसका स्वागत किया है। साथ ही, उन्होंने आयोग से अपील भी की है कि, साध्वी का नामांकन रद्द किया जाए।

दिग्विजय सिंह का ट्वीट

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बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा लगाया गया ये प्रतिबंध गुरुवार सुबह 6 बजे से लागू हो गया है। प्रतिबंध के तुरंत बाद ही प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। साध्वी के प्रचार पर प्रतिबंध लगने के कुछ ही देर में दिग्विजय सिंह के ट्विटर से प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत करते हुए ट्वीट कर लिखा कि, 'चुनाव आयोग का यह निर्णय अभिनंदनीय है। भाजपा साम्प्रदायिक विद्वेष की राजनीति करने वालों तथा आतंकवाद के आरोपियों को जब उम्मीदवार बनाएगी तब ऐसा होना स्वाभाविक है। आदर्श लोकतान्त्रिक मूल्यों की स्थापना व संरक्षण हेतु इस प्रकार के प्रत्याशियों का नामांकन रद्द करना श्रेयस्कर होगा।'

ये है साध्वी पर प्रतिबंध का कारण

-शहीद करकरे पर विवादित बयान

आपको बता दें कि, बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने हाल ही में अपने एक बयान में मुंबई के ताज होटल में आतंकवादी हमले में शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे और बाबरी मस्जिद के ढांचे के बारे में विवादित बयान दिए थे। हेमंत करकरे की शहादत को अपने द्वारा दिए गए श्राप का नतीजा बताते हुए कहा था, 'उन दिनों मैं मुंबई जेल में थी। जांच आयोग ने सुनवाई के दौरान एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि जब प्रज्ञा के खिलाफ कोई सबूत नहीं है तो उन्हें छोड़ क्यों नहीं देते। तब हेमंत ने कई तरह के सवाल पूछे, जिस पर मैंने जवाब दिया कि, इसे भगवान जाने। इस पर करकरे ने कहा कि 'तो, क्या मुझे भगवान के पास जाना होगा।' प्रज्ञा ने आगे कहा था कि, 'उस समय मैंने करकरे से कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था और सवा माह के भीतर ही आतंकवादियों ने उसे मार दिया था। हिदू मान्यता है कि परिवार में किसी का जन्म या मृत्यु होने पर सवा माह का सूतक लगता है। जिस दिन करकरे ने सवाल किए, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था, जिसका अंत आतंकवादियों द्वारा मारे जाने के साथ हुआ।'

-बाबरी मस्जिद पर विवादित बयान

इसके अलावा, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने चुनाव प्रचार के दौरान एक टीवी चैनल में दिये साक्षात्कार में ये भी कहा था कि, 'हम मंदिर का निर्माण करेंगे। आखिरकार, हम ढांचा (बाबरी मस्जिद) को ध्वस्त करने के लिए भी तो गए थे।' साथ ही, प्रज्ञा ने ये भी कहा कि, वो न सिर्फ बाबरी मस्जिद के ऊपर चढ़ी थीं, बल्कि उसे गिराने में भी मदद की थी।' साध्वी के इन बयानों के बाद देश में राजनीतिक भूचाल आ गया था। लोगों द्वारा भी आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने प्रज्ञा के इन बयानों पर तीखा हमला किया था। मामले को लेकर चुनाव आयोग ने भी साध्वी को नोटिस दिया था।

Published on:
02 May 2019 10:14 am
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