Recruitment- मध्यप्रदेश में तीन जातियों के युवाओं की मानो लॉटरी लग गई है। राज्य सरकार ने इनके लिए बड़ा फैसला लिया है।
Recruitment- मध्यप्रदेश में तीन जातियों के युवाओं की मानो लॉटरी लग गई है। राज्य सरकार ने इनके लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश की बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों को सरकारी भर्ती में वरीयता देने का निर्णय लिया गया है। इन जातियों के युवाओं को प्रदेश के सभी जिलों में यह लाभ मिलेगा जिसके लिए कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर लिए गए निर्णय के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में निवास कर रहे विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया के सदस्यों को उनकी पात्रता अनुसार विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। किसी सरकारी विभाग में पद के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता रखने पर भर्ती प्रक्रिया को अपनाए बिना नियुक्त किया जा सकेगा।
गृह मंत्रालय के मानदंडों के आधार पर 75 जनजातीय समूहों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के रूप में नामांकित किया गया है। मध्यप्रदेश में बैगा, भारिया और सहरिया जन जातियों को इस समूह में शामिल किया गया है।
इन तीनों जातियों को अभी प्रदेश के 15 जनजातीय बहुल जिलों में विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। शिवपुऱी, मुरैना, दतिया, ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जिलों में सहरिया जनजाति, मंडला, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया, बालाघाट तथा अनूपपुर की बैगा जन जाति और जिला छिंदवाड़ा के तामिया विकासखंड की भारिया जनजाति को ये लाभ दिया जा रहा था।
सीएम मोहन यादव ने हाल ही में विशेष पिछड़ी जनजातियों के चिन्हित 15 जिलों के अलावा अन्य जिलों में रह रहे बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों को भी लाभ दिलवाने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में अब प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
निर्देश के अनुसार जिला श्योपुर, मुरैना, दतिया , ग्वालियर , भिंड, शिवपुरी, गुना तथा अशोकनगर की सहरिया जनजाति, जिला मंडला, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया, बालाघाट अनूपपुर की बैगा जनजाति और छिंदवाड़ा तथा सिवनी की भारिया जनजाति के आवेदकों को सरकारी भर्ती में वरीयता दी जाएगी। इनके द्वारा संविदा शाला शिक्षक या तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद के लिए या वनरक्षक पद के लिए आवेदन करने पर, पद के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता रखने की स्थिति में उन्हें भर्ती प्रक्रिया को अपनाए बिना उक्त पद पर नियुक्त किया जाएगा।
वर्तमान में भारत सरकार द्वारा पिछड़ी जनजाति समूह के लिए विशेष रूप से संचालित पीएम जनमन योजना में 24 जिलों में इन समूहों के हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है। नए निर्देशों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की शासकीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए चिन्हित विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के जिलों के लिए विशेष प्रावधान को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में रहने वाले बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों को विशेष पिछड़ी जनजाति की योजनाओं का लाभ दिए जाने में कोई कठिनाई नहीं है।