भोपाल

एमपी में बीजेपी के लिए बढ़ी चुनौती, बड़े नेताओं की अनबन से धड़ों में बंट रहे कार्यकर्ता

MP BJP : भाजपा में मैराथन बैठकों का दौर, नए प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री पहुंचे भोपाल, आज कोर ग्रुप की बैठक, कल संगठन पदाधिकारियों से चर्चा :
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Sep 30, 2026
bjp
Rajasthan BJP Mission Panchayat Raj Election

MP BJP : भाजपा में बुधवार से मैराथन बैठकों का दौर शुरू होगा। प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब, सह प्रभारी रेखा वर्मा और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मंगलवार को भोपाल पहुंचे। पहली बड़ी बैठक 30 सिंतबर को भाजपा कोर ग्रुप की होगी। इसके बाद अगले दिन गुरुवार को प्रदेश पदाधिकारियों से नए प्रभारी रूबरू होंगे। इसे परिचयात्मक बैठक के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कोर ग्रुप के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे। एमपी में वरिष्ठ नेताओं की आपसी अनबन ने बीजेपी के लिए चुनौती बढ़ा दी है। प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब, सह प्रभारी रेखा वर्मा और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर पर इसे दूर करने की बड़ी जिम्मेदारी है।

एमपी बीजेपी कोर ग्रुप की आज होनेवाली बैठक और अन्य अहम बैठकों के लिए भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में तैयारी पूर्ण हो चुकी है। वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे सेवा संकल्प अभियान पर भी चर्चा होगी। इसके अंतर्गत प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ओडिशा से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक कार्यशैली एवं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों पर संवाद किया।

प्रदेश प्रभारी सबसे पहले गुफा मंदिर में दर्शन करेंगे

मप्र के नवनियुक्त संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के साथ प्रदेश के संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाली। इधर प्रदेश प्रभारी देब बुधवार को सबसे पहले लालघाटी स्थित गुफा मंदिर में दर्शन करेंगे। उसके बाद पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। फिर भाजपा कार्यालय कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद में कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होंगे।

नेताओं की अनबन ने मप्र में बढ़ाई चुनौती

भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी विप्लब देव और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के सामने सबसे बड़ी चुनौती सत्ता और संगठन के बीच समन्वय बनाना होगा। इसके साथ ही भाजपा के नेताओँ के बीच लंबे समय से चली आ रही आपसी अनबन को दूर करना भी उनकी प्राथमिकता होगी।

भुगतना पड़ेगा भारी खामियाजा

मध्यप्रदेश में इन दिनों बीजेपी संगठन और सरकार के कई वरिष्ठ नेताओँ के बीच आपसी संबंध ठीक नहीं है। इससे पार्टी की छवि को नुकसान हो रहा है। आपसी संघर्ष का भारी खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है क्योंकि ऐसा होने से सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि कार्यकर्ता भी कई धड़ों में बंट जाते हैं।

Updated on:
30 Sept 2026 07:51 am
Published on:
30 Sept 2026 07:50 am