
भोपाल। जिले में बंद पड़ी खदानों पर अनिवार्य रूप से फेंसिंग कराएं और इसके संबंध में सभी एसडीएम अपने क्षेत्रों पर लगातार भ्रमण के दौरान देखें कि तारों की फेंसिंग से बंद पड़ी खदानों को कवर किया जाए। बारिश में इन खदानों में पानी भर जाता है और फेंसिंग न होने से दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। विभाग का मैदानी अमला स्थल पर जाकर सत्यापन कर फेंसिंग लगवाना सुनिश्चित करे। किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाए। यदि रोड और बस्ती के आसपास यदि कोई बंद खदान है तो आवश्यक होने पर उसके पास सूचना बोर्ड लगाने के साथ रेडियम पट्टी भी लगाई जाए।
कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सभी एसडीएम और खनिज अधिकारी को यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा सभी खदानों का सीमांकन कराकर राजस्व वसूली कराएं। कलेक्टर ने कहा कि एसडीएम कोर्ट में खनिज के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन आदि के सभी लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के लिए कार्रवाई करे और 15 दिवस में सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कराएं। अर्थ दंड या लंबित वसूली के प्रकरणों में आर.आर सी जारी कर वसूली की कार्यवाही करें। राजसात अथवा संपत्ति कुर्की सहित वसूली कराए ।
कलेक्टर लवानिया ने निर्देश दिए कि जिले में जितनी भी लीज में दी गई भूमि या खदानों को भू-राजस्व के नियमाधीन भूमि के उपयोग के अनुसार सभी शुल्क वसूले जाएं। किसी भी स्थिति में शासन का राजस्व का नुकसान नहीं होना चाहिए। संभागायुक्त द्वारा बैठक में दिए गए निर्देश अनुसार सभी खदानों का सीमांकन कराकर भी राजस्व वसूली कराए। गौरतलब है कि राजधानी में कई स्थानों पर ऐसी बंद खदानें हैं जिनमें फेंसिंग नहीं है। इससे वहां पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।