भोपाल

बारिश के दौरान बालकनी में न करें मोबाइल का उपयोग, नहीं तो आप पर गिर सकती है बिजली

प्रदेश में बिजली गिरने से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है.....

2 min read
Jul 14, 2021
Thunderclap

भोपाल। बारिश का मजा लेना किसे नहीं अच्छा लगता है लेकिन इन दिनों अगर आप बारिश का मजा लेने के लिए बालकनी में खड़े होते हैं और मोबाइल पर बात करते हैं तो सावधान हो जाइएं, यह जानलेवा साबित हो सकता है। दरअसल, वज्रपात (बारिश के दौरान गिरने वाली बिजली) विद्युत सुचालक चीजों पर ही गिरती है। इस बिजली की क्षमता वेल्डिंग मशीन की बिजली से 100 गुना तक ज्यादा होती है। ये पल भर में झुलसा सकती है।

विद्युत विभाग खास तौर पर इससे बचाव के लिए लाइटनिंग अरेस्टर (तडि़त चालक) का इस्तेमाल करता है, ताकि उपकरण ध्वस्त होने का खतरा नहीं रहे। लोग अक्सर बारिश में फोन पर बात करने के लिए पेड़ों के नीचे चले जाते हैं। ऐसे में उनपर बिजली गिरने की संभावना बढ़ जाती है।'

जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

बीते दिनों कई ऐसी घटनाएं सुनने को मिली हैं जिनमें लोग मोबाइल से सेल्फी ले रहें थे उसी दौरान उन पर बिजली गिर पड़ी। एक्सपर्ट बताते हैं कि बारिश के दिनों में बिजली की गरज चमक बंद चालू मोबाइल, स्मार्टफोन को बम के समान विस्फोटक बना सकती है। दरअसल मोबाइल की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड आकाशीय बिजली को अपनी और आकर्षित करती है।

बिजली गरजने के दौरान यदि आप किसी खुले स्थान पर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो उस वक्त बिजली गिरने का खास खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मौसम में मोबाइल को स्विच ऑफ कर रखने से भी खतरा बना रहता है। मोबाइल फोन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें होती है अगर आप किसी ऐसी जगह मौजूद हो जहां बिजली चमक रही हो तो मोबाइल फोन का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बिजली को अपनी ओर खींच लेगा। ऐसी स्थिति में बिजली की तरंगे मोबाइल में प्रवेश कर जाएंगे और विस्फोट हो जाएगा। लिहाजा सावधानी बरतना जरूरी है।

ऐसे करें बचाव

- बारिश के दौरान यदि किसी खुले स्थान में हैं तो तुरंत किसी घर के नीचे खड़े हो जाएं। खिड़की, दरवाजे, बरामदे और छत से दूर रहें।

- लोहे के पिलर वाले पुल के आसपास तो कतई नहीं जाएं।

- ऊंची इमारतों वाले क्षेत्रों में शरण नहीं लें क्योंकि वहां वज्रपात का खतरा ज्यादा होता है।

- अपनी कार आदि वाहन में हैं तो उसी में ही रहें लेकिन बाइक से दूर हो जाएं क्योंकि उसमें पैर जमीन पर रहते हैं।

- विद्युत सुचालक उपकरणों से दूर रहें और घर में चल रहे टीवी, फ्रिज आदि उपकरणों को बंद कर दें।

- समूह में न खड़े हों बल्कि दूर-दूर खड़े हों। इसके साथ ही ध्यान दें कि आसपास बिजली या टेलीफोन के तार नहीं हों।

- वज्रपात में मृत्यु का तात्कालिक कारण हृदयाघात होता है। ऐसे में जरूरी हो तो संजीवन क्रिया, प्राथमिक चिकित्सा कार्डियो पल्मोनरी रेस्क्यूएशन (सीपीआर) प्रारंभ कर दें।

Published on:
14 Jul 2021 02:53 pm
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